Site icon Dainik Savera Times

‘यह हमारी गलती, निष्पक्ष जांच जरूरी’, नौगाम विस्फोट पर बोले फारूक अब्दुल्ला

नेशनल डेस्क: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट की गहरी और स्वतंत्र जांच की मांग की है। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई और आसपास के कई घरों को नुकसान पहुंच गया।

9 लोगों की मौत, कई घर नष्ट हो गए

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि विस्फोटक सामग्री को शुरुआती चरण में ठीक से नहीं संभाला गया, और यही बड़ी गलती थी। उन्होंने अधिकारियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसे ख़तरनाक सामान को संभालने से पहले विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, “यह हमारी गलती है। हमें उन लोगों से सलाह लेनी चाहिए थी जिन्हें विस्फोटक संभालने की समझ है। हमने खुद कोशिश की और नतीजे में 9 लोगों की जान चली गई, कई घर नष्ट हो गए।”

उनका कहना था कि इस घटना का असर देशभर में कश्मीरी लोगों के प्रति बढ़ते संदेह पर भी पड़ेगा, खासकर तब जब दिल्ली में हुए हालिया विस्फोट की वजह से हर कश्मीरी पर शक की निगाहें उठ रही हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर कब लोगों को यह समझ आएगा कि कश्मीरियों को बिना कारण दोषी ठहराना गलत है।

गहन जांच जरूरी

 उन्होंने कहा कि इस मामले में उन परिस्थितियों की भी जांच जरूरी है, जिनके कारण कुछ मेडिकल पृष्ठभूमि वाले लोग इस तरह के मामलों में शामिल बताए जा रहे हैं। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यह सब समझने के लिए “गहन जांच और अध्ययन” जरूरी है, ताकि जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।

विस्फोट की घटना और पुलिस की जांच

यह विस्फोट शुक्रवार देर रात नौगाम पुलिस स्टेशन परिसर के अंदर उस समय हुआ जब एक बरामद विस्फोटक उपकरण को जांच के दौरान संभाला जा रहा था। जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस कर रही है। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात का कहना है कि अब तक जो जानकारी मिली है, उससे लगता है कि फोरेंसिक जांच के दौरान अचानक विस्फोट हुआ, इसलिए अनुमान लगाने की जरूरत नहीं। इस हादसे में मारे गए लोगों में शामिल हैं- राज्य जांच एजेंसी (SIA) का एक अधिकारी, 3 FSL कर्मचारी, 2 फोटोग्राफर, 2 राजस्व अधिकारी और ऑपरेशन में शामिल एक दर्जी शामिल है। घायल 32 लोगों का इलाज श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में चल रहा है।

गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया

गृह मंत्रालय ने कहा है कि इस बड़े हादसे के कारणों की जांच की जाएगी। मंत्रालय का कहना है कि यह विस्फोट उस बेहद अस्थिर विस्फोटक सामग्री की वजह से हुआ जो दिल्ली के लाल किला विस्फोट मामले में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल से बरामद की गई थी। 10 नवंबर को हुए उस धमाके में 12 लोग मारे गए थे।

Exit mobile version