नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रस्ताव रखा है। सरकार का कहना है कि 12% और 28% जीएसटी स्लैब को समाप्त कर 5% और 18% की दरें लागू की जाएंगी। इसके तहत, 12% स्लैब के 99% उत्पादों को 5% स्लैब में और 28% स्लैब की 90% वस्तुओं को 18% स्लैब में लाने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा, उपभोक्ता वस्तुओं को 28% से घटाकर 18% जीएसटी स्लैब में लाने का भी सुझाव दिया गया है। साथ ही, तंबाकू और पान मसाला जैसी हानिकारक वस्तुओं के लिए 40% का नया स्लैब लागू करने की बात भी की गई है। यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए भाषण के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने जीएसटी में सुधारों की शुरुआत की बात की थी।
केंद्र ने राज्यों को भेजा प्रस्ताव
सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र ने यह प्रस्ताव राज्यों को भेज दिया है और इसे जीएसटी परिषद के मंत्रिसमूह (GOM) को भी भेजा गया है। जीओएम इस प्रस्ताव का अध्ययन करेगा और अगले महीने सितंबर-अक्टूबर में जीएसटी परिषद की बैठक में इसे चर्चा के लिए लाया जा सकता है।
पीएम मोदी अपने भाषण में क्या बोले?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में कहा था, “इस दिवाली, देशवासियों को एक बहुत बड़ा तोहफा मिलने वाला है। पिछले 8 वर्षों में, हम GST में सुधार लाए हैं, कर बोझ कम किया है और कर व्यवस्था को सरल बनाया है। अब हम जीएसटी सुधारों की अगली पीढ़ी लेकर आ रहे हैं, जिससे आम आदमी की ज़रूरतों वाली चीज़ों की कीमतें कम होंगी, MSMEs और छोटे उद्यमियों को फायदा होगा और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।” यह प्रस्ताव जीएसटी प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत हो सकता है, जो देश की अर्थव्यवस्था को गति देने और आम जनता के लिए राहत का कारण बनेगा।

