नेशनल डेस्क : अहमदाबाद में हर साल की तरह इस बार भी बड़ी धूमधाम से 148वीं जगन्नाथ रथयात्रा निकाली गई। यह एक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होता है, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथों पर सवारी निकाली जाती है। इस रथयात्रा को देखने और इसमें भाग लेने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। लेकिन इस बार की यात्रा के दौरान एक अनचाही घटना भी देखने को मिली। जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान अचानक एक हाथी डीजे की तेज आवाज से डर गया और इधर-उधर भागने लगा। जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
DJ की आवाज से बेकाबू हुआ हाथी
दरअसल, यात्रा के दौरान अचानक माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब एक हाथी डीजे की तेज आवाज से घबरा गया और बेकाबू होकर इधर-उधर दौड़ने लगा। यह घटना खाड़िया विस्तार इलाके की है, जहां से इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हाथी को दौड़ता देख वहां मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
एक नहीं, कई हाथी हुए बेकाबू
जब एक हाथी बेकाबू होकर दौड़ने लगा तो उसके पीछे-पीछे बाकी दो हाथी भी घबरा गए और बेकाबू हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, रथयात्रा में कुल 5 से 6 हाथी बेकाबू हो गए थे। इनमें से तीन हाथी खाड़िया की संकरी गलियों में दौड़ने लगे, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।
तीन से चार लोग घायल, मीडियाकर्मी भी शामिल
इस पूरी भगदड़ में तीन से चार लोगों के घायल होने की खबर है। इनमें एक मीडियाकर्मी भी शामिल है, जो रथयात्रा की कवरेज कर रहा था। अच्छी बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं लगी। जब तक हाथी वहां तक पहुंचते, लोगों ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। यह राहत की बात रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
Watch | Three elephants in Ahmedabad Rath Yatra procession went out of control and started running in the Khadia area of the city. pic.twitter.com/iqNGRjROVo
— DeshGujarat (@DeshGujarat) June 27, 2025
महावतों ने हाथियों को किया काबू
रथयात्रा में सबसे आगे गजराज यानी हाथी चलते हैं, जिनके साथ महावत और वन विभाग की टीम भी मौजूद रहती है। जैसे ही हाथी बेकाबू हुए, वन विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। उनके पास मौजूद ट्रैंक्विलाइज़र (बेहोशी की दवा) और अन्य जरूरी उपकरणों की मदद से उन्होंने हाथियों को शांत किया। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 15 मिनट तक रथयात्रा रोक दी गई थी ताकि किसी प्रकार की जान-माल की हानि न हो।
108 एंबुलेंस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस को मौके पर बुलाया गया और घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। प्रशासन की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई के कारण स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई।
हाथियों को काबू में लाकर रथयात्रा दोबारा शुरू
हाथियों को गलियों से बाहर लाकर मुख्य रास्ते पर ले जाया गया और उन्हें पूरी तरह से काबू में लाने के बाद रथयात्रा को फिर से शुरू किया गया। श्रद्धालुओं ने एक बार फिर भगवान के जयकारों के साथ यात्रा को आगे बढ़ाया।
सतर्कता ने टाला बड़ा हादसा
इस घटना ने दिखा दिया कि बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा और सतर्कता कितनी जरूरी होती है। हालांकि हाथियों के बेकाबू होने से कुछ समय के लिए भगदड़ मची, लेकिन प्रशासन और वन विभाग की टीम की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। रथयात्रा के दौरान ऐसे जीव-जंतुओं की देखरेख और आवाज जैसी चीजों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि भक्तों की आस्था के साथ-साथ उनकी सुरक्षा भी बनी रहे।

