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हरियाणा: 9 साल के बच्चे को रस्सी से बांध 4 घंटे पीटता रहा मौलवी, अस्पताल पहुंचा मासूम

हरियाणा डेस्क. हरियाणा के पानीपत जिले की एक मस्जिद में 9 साल के बच्चे के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि मस्जिद के मौलवी ने बच्चे के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और करीब 4 घंटे तक डंडे से पीटता रहा।

बताया जा रहा है कि बच्चे की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह एक दिन तालीम लेने के लिए मस्जिद नहीं गया था। जब बच्चा देर शाम तक घर नहीं लौटा, तो उसकी मां और मामा उसे ढूंढते हुए मस्जिद पहुंचे। उन्होंने पहले वहां मौजूद बच्चों से पूछा, लेकिन किसी को जानकारी नहीं थी। इसके बाद जब परिवार वाले मौलवी के कमरे में गए तो देखा कि बच्चा रस्सियों से बंधा हुआ एक कोने में पड़ा था और उसके शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे। इस घटना को देखकर परिजन घबरा गए। तभी तक मौलवी वहां से भाग चुका था।

बच्चे को तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया और घटना की जानकारी पुलिस को दी गई है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और आरोपी की तलाश की जा रही है।

पिता मोहम्मद अंसारी ने बताया कि वह जमींदार के पास ट्रैक्टर चलाने का काम करता है। सोमवार शाम को उसके पास घर से फोन आया कि बच्चे की हालत ज्यादा खराब है, उसे मस्जिद में इमाम ने डंडों से खूब पीटा है। सूचना मिलने के बाद वह तुरंत घर पहुंचा। इसके बाद वे बच्चे की हालत को देखते हुए तुरंत सिविल अस्पताल लाए।

9 साल के बेटे ने परिवार वालों को बताया कि वह रविवार को तालीम लेने मस्जिद नहीं गया था। जैसे ही वह सोमवार दोपहर 3 बजे मस्जिद पहुंचा, तो वहां मौजूद मौलवी ने उसे ये कहते हुए पीटना शुरू कर दिया कि वह कल क्यों नहीं आया था। इमाम ने उसे तब से लेकर शाम 7 बजे तक रस्सी से हाथ-पैर बांधे रखे। इसके बाद वह उसे लगातार डंडों से पीटता रहा। उसके शरीर के कई हिस्सों पर उसने डंडे मारे।

इससे पहले यूपी में पढ़ता था बच्चा

पिता मोहम्मद ने आगे बताया कि बच्चा यहां से पहले उत्तर प्रदेश में पढ़ता था। वह 10 दिन पहले ही गांव से यहां लाए हैं। यहां वह पसीन गांव स्थित मस्जिद में तालीम के लिए जा रहा था। वह रोजाना दोपहर 3 बजे जाता था और शाम 5 बजे घर लौट आता था, लेकिन सोमवार को वह टाइम पर घर नहीं लौटा। शाम करीब 7 बजे काम से लौटी मां ने जब उसे घर पर नहीं देखा, तो वह उसकी तलाश में निकल पड़ी। वह सबसे पहले मस्जिद ही पहुंची, जहां पहुंच कर देखा कि वहां कोई भी बच्चा नहीं था, लेकिन वहां मौजूद लोगों से बच्चे के बारे में पूछा गया, लेकिन किसी ने भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

अस्पताल ले जाया गया बच्चा

इसके बाद उन्होंने वहां मौलवी को ढूंढना चाहा, लेकिन वह भी नहीं मिला। उन्होंने ये भी बताया कि ढूंढते-ढूंढते उसकी पत्नी मौलवी आलीशान के कार्यालय में गई, जहां उसने देखा कि बच्चा फर्श पर हाथ-पैर बंधे हुए पड़ा था। उसका रो-रोककर बुरा हाल था। मां को देखते ही उसने कहा कि मेरे हाथ-पैर खोल दो। फिर रस्सियां खोलने के बाद तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया।

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