नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा संसद में पास किए गए विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G एक्ट को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस कानून को राज्यों और गरीब लोगों पर “नोटबंदी जैसा विनाशकारी हमला” बताया है।
फैसला इंफ्रास्ट्रक्चर पर सीधा असर डालेगा
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह नया कानून राज्यों से उनके फंड और फैसले लेने के अधिकार छीन लेता है। उनके मुताबिक, यह फैसला राज्यों की स्वायत्तता और ग्रामीण ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) पर सीधा असर डालेगा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कैबिनेट से सलाह लिए बिना, ठीक नोटबंदी की तरह, मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) को खत्म करने का फैसला कर लिया।
यह गरीबों और राज्यों दोनों पर हमला
उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार देने की योजना नहीं थी, बल्कि यह गांवों में सड़क, तालाब और अन्य जरूरी ढांचे बनाने में भी अहम भूमिका निभाती थी। उन्होंने कहा, “यह राज्यों का पैसा है, राज्यों का अधिकार है, जिसे छीना जा रहा है। यह गरीबों और राज्यों दोनों पर हमला है, और यह फैसला अकेले प्रधानमंत्री ने लिया है, जैसे नोटबंदी में किया गया था।” राहुल गांधी ने यह भी बताया कि मनरेगा को दुनिया भर में सराहना मिली है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का हवाला देते हुए कहा कि खड़गे ने 16 देशों का दौरा किया था, जहां नेताओं और नीति विशेषज्ञों ने भारत के इस अधिकार-आधारित विकास मॉडल की तारीफ की थी। उनके अनुसार, मनरेगा एक सोच और विकास का ढांचा था, न कि सिर्फ रोजगार योजना।
‘मनरेगा बचाओ’ अभियान शुरू करेगी कांग्रेस
इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घोषणा की कि पार्टी 5 जनवरी से देशभर में ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान शुरू करेगी। इस अभियान का मकसद मनरेगा की रक्षा करना और उसे कमजोर करने या बदलने की किसी भी कोशिश का विरोध करना है। खड़गे ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिया गया काम का अधिकार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने की साजिश हो रही है, जिसका कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी।
125 दिनों की रोजगार गारंटी
दूसरी ओर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को VB-G RAM G बिल, 2025 को मंजूरी दे दी। सरकार के मुताबिक, यह कानून ग्रामीण रोजगार नीति में बड़ा बदलाव लाता है। इस नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को हर साल 125 दिनों की कानूनी मजदूरी रोजगार गारंटी दी जाएगी। सरकार का कहना है कि यह नया कानून समावेशी विकास, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की दिशा में कदम है और यह विकसित भारत @2047 के लक्ष्य से जुड़ा हुआ है।
इसके साथ ही यह कानून पुराने मनरेगा की जगह एक नया और आधुनिक कानूनी ढांचा पेश करता है। कुल मिलाकर, जहां सरकार इस कानून को ग्रामीण विकास के लिए जरूरी सुधार बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे गरीबों और राज्यों के अधिकारों पर हमला मानते हुए देशव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रही है।

