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अखिलेश यादव को मिले NSG सुरक्षा… सपा नेता ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र

उत्तर प्रदेश डेस्क : समाजवादी पार्टी (सपा) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर, पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा को और मजबूत करने की मांग की है। सपा का कहना है कि फिलहाल अखिलेश यादव को Z+ सुरक्षा कवर प्राप्त है, लेकिन यह उनके लिए पर्याप्त नहीं है। पार्टी चाहती है कि उन्हें फिर से NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडो द्वारा सुरक्षा प्रदान की जाए। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

क्या है Z+ सुरक्षा?

Z+ सुरक्षा भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली उच्चतम स्तर की व्यक्तिगत सुरक्षा में से एक होती है। इसमें आमतौर पर 20 से 30 सशस्त्र सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं। इनमें CID अधिकारी, प्रशिक्षित कमांडो और अन्य विशेष सुरक्षा बलों के सदस्य होते हैं। Z+ सुरक्षा उन व्यक्तियों को दी जाती है जिन्हें किसी भी प्रकार के हमले या खतरे का अंदेशा हो—जैसे राजनेता, उद्योगपति या हाई-प्रोफाइल सरकारी अधिकारी।

NSG सुरक्षा क्या होती है?

NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) भारत सरकार का एक विशेष बल है, जिसे सबसे खतरनाक और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित किया गया है। यह बल आमतौर पर आतंकी हमलों, हाईजैकिंग, या चरम हिंसा वाली घटनाओं से निपटने के लिए तैयार रहता है। NSG सुरक्षा में शामिल होते हैं विशेष रूप से प्रशिक्षित ब्लैक कैट कमांडो, स्नाइपर और स्ट्राइक ऑपरेशन विशेषज्ञ। इनका मकसद होता है ऐसी परिस्थितियों में कार्रवाई करना जहां आम सुरक्षा बल भी असहाय साबित हो सकते हैं।

किन-किन नेताओं को मिली है NSG सुरक्षा?

NSG सुरक्षा भारत के कुछ चुनिंदा हाई-प्रोफाइल नेताओं और अधिकारियों को दी जाती है। इसमें शामिल हैं:

इन सभी को किसी न किसी कारण से विशेष सुरक्षा जोखिम की श्रेणी में रखा गया है।

सपा की दलील

सपा का तर्क है कि अखिलेश यादव को भी राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा खतरा है, इसलिए उन्हें Z+ से भी अधिक प्रभावी और विशेष NSG सुरक्षा की जरूरत है। पार्टी चाहती है कि पुरानी NSG सुरक्षा बहाल की जाए, ताकि अखिलेश यादव की सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद हो सके।

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