नेशनल डेस्कः दिसंबर 2025 में व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को एक बड़ा डिफेंस डील कर भारत के सामने नई सुरक्षा चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। इस पैकेज में पाकिस्तान के F-16 फाइटर जेट्स के लिए कुल 686 मिलियन डॉलर यानी 5,800 करोड़ रुपये की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, उपकरण और सपोर्ट को मंजूरी दे दी है।
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार इस पैकेज में लिंक-16 कम्युनिकेशन सिस्टम, क्रिप्टोग्राफिक उपकरण, एवियोनिक्स अपग्रेड, ट्रेनिंग प्रोग्राम और लॉजिस्टिकल सपोर्ट शामिल हैं। इसका उद्देश्य पाकिस्तान के F-16 बेड़े को मॉडर्नाइज करना और ऑपरेशनल सेफ्टी बढ़ाना है। यह डील अमेरिका और उसके सहयोगी सेनाओं के साथ पाकिस्तान के इंटीग्रेशन और आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग बढ़ाने के लिए है।
पाकिस्तान के F-16 के उपयोग की उम्र इस अपडेट से 2040 तक बढ़ जाएगी। कुल राशि में $37 मिलियन मुख्य उपकरणों के लिए और $649 मिलियन अतिरिक्त वस्तुएं और सेवाओं के लिए आवंटित हैं। रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी यानी DSCA ने बताया कि यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के अनुरूप है और क्षेत्रीय सैन्य संतुलन को प्रभावित नहीं करेगी।
भारत के साथ संबंध
इससे पहले ही अमेरिका ने भारत को लगभग $93 मिलियन मूल्य के हथियार पैकेज की मंजूरी दी थी, जिसमें जेवलिन मिसाइल सिस्टम, संबंधित उपकरण और एक्सकैलिबर टैक्टिकल राउंड शामिल थे। यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय खतरों से निपटने की क्षमता को मजबूत करने के लिए है। इस स्थिति में अमेरिका ने दोनों देशों को अपने-अपने हितों के तहत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए हैं, जिससे भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य प्रतिस्पर्धा और जटिल हो सकती है।

