देहरादून। उत्तराखंड के 26वें स्थापना दिवस से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने के आंदोलन के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध किया और आंदोलनकारियों पर अत्याचार किए। शाह ने कहा कि राज्य के लोगों ने अलग उत्तराखंड के लिए लंबा संघर्ष किया और इस दौरान कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
शुक्रवार को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। उन्होंने कहा कि 9 नवंबर 2000 को अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने उत्तराखंड को अलग राज्य का दर्जा दिया था। इसके साथ ही लंबे समय से चली आ रही पहाड़ी क्षेत्र के लोगों की मांग पूरी हुई।
अमित शाह ने रामपुर तिराहा गोलीकांड का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य के आंदोलन के दौरान कई जगहों पर लोगों को संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने आंदोलन में जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी। शाह ने आरोप लगाया कि उस समय समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने राज्य निर्माण की मांग का विरोध किया था और आंदोलनकारियों के साथ ज्यादती हुई थी।
2047 से पहले विकसित उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को देश का पहला पूरी तरह विकसित राज्य बनाना है। शाह ने कहा कि साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी दिशा में उत्तराखंड को भी विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उत्तराखंड के संघर्ष, उपलब्धियों और भविष्य के संकल्प को याद करने का अवसर है।
सीएम धामी का राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल विकास के मुद्दों पर बातचीत करने के बजाय राजनीतिक फायदे के लिए युवाओं को भड़काने और लोगों के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।
धामी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना और अपनी असहमति जताना हर किसी का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए अफवाह फैलाना और हिंसा को बढ़ावा देना गलत है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड के इस महान सपूत का अपमान किए जाने पर विपक्ष के नेता चुप रहते हैं।
धामी ने अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी पार्टी ने उत्तराखंड आंदोलन के दौरान निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलवाई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों के सम्मान और स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
भर्ती घोटालों पर राहुल गांधी के आरोपों का जवाब
मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में राहुल गांधी के हालिया कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ का भी जिक्र किया। उन्होंने राहुल गांधी के भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक से जुड़े बयानों को गलत बताते हुए उन्हें ‘झूठ की गूंज’ करार दिया। धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। उनके मुताबिक, उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं में धोखाधड़ी करने वाले 100 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अब तक 35 हजार से अधिक सरकारी नियुक्तियां की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नियुक्तियां बिना भ्रष्टाचार, बिना किसी सिफारिश और बिना ‘पर्ची-खर्ची’ के की गई हैं।
उत्तराखंड को मिलेंगी 1,475 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उत्तराखंड के 26वें स्थापना दिवस के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य को 1,475.31 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। धामी के अनुसार, इन परियोजनाओं से राज्य में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। सरकार का जोर सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे, पर्यटन, उद्योग और स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों को मजबूत करने पर है।
9 नवंबर को मनाया जाता है उत्तराखंड स्थापना दिवस
उत्तराखंड हर साल 9 नवंबर को अपना स्थापना दिवस मनाता है। साल 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड देश का 27वां राज्य बना था। इस साल राज्य अपने गठन के 26 साल पूरे कर रहा है। उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है। यह हिमालयी क्षेत्र में स्थित एक पहाड़ी राज्य है, जिसकी सीमाएं उत्तर में चीन और पूर्व में नेपाल से लगती हैं। राज्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता, नदियों, ग्लेशियरों, जंगलों और धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है। अलग राज्य के लिए लंबे संघर्ष के बाद अस्तित्व में आए उत्तराखंड के लिए स्थापना दिवस का विशेष महत्व है। इस दिन राज्य के आंदोलनकारियों के योगदान को याद करने के साथ-साथ विकास और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की जाती है।

