Last Updated: September 23, 2026

Dainik Savera Times Logo

‘मौका मिला तो सिखा देंगे, पड़ोसी देश के साथ कैसे पेश आना है’, सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी की PAK को चेतावनी

November 17, 2025

‘मौका मिला तो सिखा देंगे, पड़ोसी देश के साथ कैसे पेश आना है’, सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी की PAK को चेतावनी

नई दिल्ली: थल सेनाध्यक्ष (सीओएएस) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों की तेज़ कार्रवाई और मजबूत क्षमता ने पाकिस्तान को “ऑपरेशन सिंदूर” के जरिए एक सख्त और स्पष्ट जवाब दिया। नई दिल्ली में ‘चाणक्य डिफेंस डायलॉग्स’ के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन तो सिर्फ “88 घंटे का ट्रेलर” था, और अगर भविष्य में जरूरत पड़ी तो भारत फिर से ऐसी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने साफ कहा, “ऑपरेशन सिंदूर तो बस एक 88 घंटे का ट्रेलर था। अगर पाकिस्तान मौका देगा, तो हम उसे पड़ोसी देश के साथ ज़िम्मेदारी से कैसे पेश आना है, यह सिखा देंगे।”

ऑपरेशन सिंदूर से मिली सीखें

सेना प्रमुख ने इस ऑपरेशन से सीखे गए तीन बड़े सबक बताए

1. सभी सेनाओं के बीच बेहतर एकीकरण:
आज की लड़ाइयां बहु-क्षेत्रीय होती हैं, इसलिए थल सेना, नौसेना, वायुसेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और दूसरे सुरक्षा संगठनों का एक साथ मिलकर काम करना जरूरी है।

2. लंबी लड़ाई के लिए पर्याप्त आपूर्ति:
उन्होंने कहा कि अगला संघर्ष कितने समय तक चलेगा, इसका अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता। यह 88 घंटे भी हो सकता है, 4 महीने या 4 साल भी। इसलिए गोला-बारूद, खाद्य सामग्री और हथियारों की लंबे समय तक चलने वाली आपूर्ति तैयार रखनी होगी।

3. हर स्तर पर तेज निर्णय:
किसी भी ऑपरेशन में तत्काल फैसले लेने होते हैं और कमान की हर परत को समय पर निर्णय लेने में सक्षम होना चाहिए।

पाकिस्तान को चेतावनी और भारत की “नया सामान्य” नीति

22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने “एक नया सामान्य” स्थापित किया है। सेना प्रमुख ने कहा कि भारत को प्रगति से कोई रोक नहीं सकता और यदि कोई देश राज्य प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा देकर बाधा डालता है, तो भारत आवश्यक कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, “बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते। जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता रहेगा, हम आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों, दोनों के साथ एक जैसा व्यवहार करेंगे।”

जम्मू-कश्मीर में स्थिति में सुधार

जनरल द्विवेदी ने बताया कि 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। क्षेत्र में आतंकवादी घटनाएँ काफी कम हुई हैं और सुरक्षा परिदृश्य बेहतर हुआ है।

चाणक्य डिफेंस डायलॉग्स क्या है?

चाणक्य रक्षा संवाद भारतीय सेना का एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य भारत और दुनिया के नीति निर्माताओं, रणनीतिक विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, रक्षा विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों को एक मंच पर लाकर भारत की सुरक्षा नीति और विकास को समझना है। इस वर्ष का विषय है, सुधार से परिवर्तन: सशक्त, सुरक्षित और विकसित भारत’। मुख्य कार्यक्रम 27–28 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित होगा।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें