नेशनल डेस्क: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने भारतीय सेना के लिए एक अचूक हथियार तैयार किया है, जिसके परीक्षण की तैयारियां जोरों से चल रही है। महाराष्ट्र के पुणे में आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (ARDE) के साथ मिलकर यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
इस प्रोजेक्ट में भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स जैसी प्राइवेट कंपनियों ने भी सहयोग दिया है। इस तोप को दुनिया की बेहतरीन तोपों में से एक माना जाता है। यह 52 कैलिबर/155MM की तोप है। इसे बनाने की पहल 2012 में की गई थी।
हर मौसम में तैनाती संभव
इसकी मारक क्षमता लगभग 48 किलोमीटर और बमों की क्षमता 25 बैरल है। यह एक साथ 7 जोन में सटीक निशाना लगाकर फायर करने में सक्षम है। खास बात है कि इसे कहीं भी और किसी भी मौसम में तैनात किया जा सकता है।
#WATCH | Pune, Maharashtra: The Advanced Towed Artillery Gun System (ATAGS), an indigenously developed artillery gun for use by the Indian Army, has been developed by DRDO (Defence Research and Development Organisation) in collaboration with private firms like Bharat Forge and… pic.twitter.com/onYMWmsrFA
— ANI (@ANI) July 7, 2025
थर्मल इमेजिंग भी इंस्टॉल
यह तोप आर्टिलरी कॉम्बैट कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (ACCCS) के साथ जुड़ने के लिए अनुकूल है। एसीसीसीएस को संचार के क्षेत्रों में आर्टिलरी की पहुंच को स्वचालित करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इस तोप को इलेक्ट्रिक ड्राइव के साथ कनेक्ट किया गया है।
ऑप्ट्रॉनिक मोड के जरिए इस तोप से डेढ़ किलोमीटर तक के लक्ष्य को भी भेदा जा सकता है। इसके अलावा इसमें डे कैमरा, 10 किलोमीटर तक पहचान के लिए लेजर फाइंडर, थर्मल इमेजिंग आदि को भी लैस किया गया है।
सेना को जल्द मिलेंगी ये तोपें
वैसे तो इस तोप की क्षमता 2.5 मिनट में 10 राउंट फायर की है, लेकिन बर्स्ट मोड में यह 60 सेकंड में ही 5 राउंड तक फायर कर सकती है। भारतीय सेना इस साल मार्च में ऐसी 307 तोपों का ऑर्डर दे चुकी है।
इनमें 60 फीसदी तोपें भारत फोर्ज और 40 फीसदी तोपें बनाने की जिम्मेदारी टाटा कंपनी को दी गई है। 5 साल में इन तोपों का निर्माण कार्य पूरा होना है।
भारतीय सेना फिलहाल स्वदेशी हथियारों के निर्माण पर जोर दे रही है। इसी दिशा में इन तोपों का निर्माण किया जा रहा है। सेना तेजी से उन्नत हथियारों के जरिए अपने आपको मजबूत बना रही है।

