नेशनल डेस्क : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं और सभी राजनीतिक दल पूरी ताकत से चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। बिहार जैसे राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और विविधता से भरे राज्य में चुनाव का माहौल हमेशा ही खास होता है। इस बार भी कांग्रेस, बीजेपी, जेडीयू, आरजेडी, लोजपा( रामविलास), हम और अन्य कई दल अपनी-अपनी ताकत दिखाने में लगे हैं। लेकिन इस चुनाव में एक नई दिलचस्प एंट्री हुई है रणनीतिकार प्रशांत किशोर की। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर का आगमन
आपको बता दें कि प्रशांत किशोर को बिहार ही नहीं पूरे भारत में राजनीति का चाणक्य माना जाता है। उन्होंने हाल ही में अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जन सुराज पार्टी’ की स्थापना की है और इसके बाद से वे बिहार के विभिन्न गांवों और कस्बों में लगातार चुनावी सभाएं कर रहे हैं। उनकी रैलियों में हर वर्ग और धर्म के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो रहे हैं। खासकर बिहार के युवा उनकी बातों से काफी प्रभावित दिख रहे हैं, जो चुनाव के रंग में एक नया जोश भर रहा है। प्रशांत किशोर अपनी हर सभा एक बात कहते हुए सुने जा रहे हैं कि इस बार वोट जाती, धर्म को देखकर नहीं इस बार वोट अपने बच्चों को दखकर दीजिए। इसके साथ ही वो बिहार से युवाओं के पलायन को लेकर भी बाते करते सुने जा रहे है।
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प्रशांत किशोर पर बोले अवध ओझा
इस बीच, आम आदमी पार्टी के नेता, मोटिवेशनल गुरु और यूपीएससी के टीचर अवध ओझा ने भी प्रशांत किशोर की खूब तारीफ की है। यह वीडियो सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर “XX_r_s_kumar” नाम की आईडी से वायरल हो रहा है। वीडियो में अवध ओझा कहते हैं कि प्रशांत किशोर एक अच्छे इंसान हैं और उनकी बातों में दम है। वे कहते हैं कि जब ऐसे जागरूक नेता सामने आते हैं तो पुरानी व्यवस्थाओं को दिक्कत होती है क्योंकि वे जनता को जागरूक कर रहे हैं।
जाति राजनीति पर अवध ओझा का तंज
अवध ओझा ने जाति राजनीति को लेकर भी तीखी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि “हम हमेशा जाति के नाम पर लड़ते और रूल करते आए हैं,” लेकिन अब प्रशांत किशोर जैसे नेता लोगों को जाति के बाहर सोचने पर मजबूर कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह बदलाव बिहार के लिए एक बड़ा चुनौती है। उन्होंने कहा कि आज 545 लोग पूरे 150 करोड़ भारतवासियों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसे नेताओं के आने से जनता में जागरूकता बढ़ रही है।
बिहार के चुनावी माहौल में नया राजनीतिक रंग
प्रशांत किशोर की सक्रियता और अवध ओझा जैसे प्रभावशाली व्यक्तियों का समर्थन बिहार के चुनावी वातावरण को एक नई दिशा दे रहा है। जनता खासकर युवा वर्ग इस बदलाव के लिए उत्साहित है और वे जाति, धर्म से ऊपर उठकर एक बेहतर और न्यायसंगत सरकार की उम्मीद कर रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस नई राजनीति का बिहार की जमीन पर कितना असर होता है।