उत्तर प्रदेश डेस्क : उत्तर प्रदेश के बदायूं में पुलिस के खिलाफ गंभीर आरोप लगे हैं। कादरचौक थाने में एक दरोगा ने अपह्रत किशोरी के साथ आधी रात को रेप की वारदात को अंजाम दिया। वहीं, मामले को छिपाने के लिए पुलिस ने पीड़िता के कोर्ट में बयान तक करवा दिए। पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और कोर्ट में पूरी सच्चाई बयां कर दी। कोर्ट में कलमबद्द बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने पीड़िता को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
9 जून को भगा ले गया था आरोपी
आरोपी थानेदार 25 जून को ही कादरचौक थाने से दूसरी जगह जा चुका है। बताया जा रहा है कि पुलिस को किशोरी के अपह्रत होने की शिकायत मिली थी। बाद में पुलिस ने किशोरी को तमिलनाडु से बरामद किया था। किशोरी हिंदू है, जो कादरचौक थाना इलाके की रहने वाली है। इस किशोरी को दूसरे गांव का रहने वाला मुजक्किर नामक युवक 9 जून को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया था।
हिंदू संगठनों ने जताया था विरोध
मामले में पुलिस ने 10 जून को केस दर्ज किया था। पुलिस ने शुरुआत में कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने थाने का घेराव किया था। 20 जून को प्रदर्शन के बाद पुलिस हरकत में आई थी। पुलिस ने लड़की को तमिलनाडु से बरामद कर लिया था। आरोप है कि थानेदार ने पीड़िता को अपने कमरे में रखा और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। 28 जून को पीड़िता ने थानेदार की करतूतों का खुलासा किया था।
पुलिस पर कार्रवाई का दबाव
पुलिस ने पीड़िता को जब अपने परिजनों को सौंपा तो उसने अपने साथ रेप होने की बात बताई। इसके बाद गांव के लोगों ने उच्च अधिकारियों को मामले की शिकायत सौंपी। पीड़िता और उसके परिजनों के अनुसार उसे गांव के शख्स ने बेच दिया था। वारदात के बाद ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ गुस्से का माहौल है। पुलिस पर लगातार थानेदार के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बढ़ रहा है।

