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30 साल पहले काशी में डेरा, अब सहयोगियों पर कसा जा रहा शिकंजा; छांगुर के करीबी राजेश को लेकर क्या-क्या खुलासे?

Changur Baba

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में पकड़े गए छांगुर बाबा के मामले में लगातार नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अवैध धर्मांतरण मामलों के मास्टरमाइंड छांगुर के गुर्गों से भी एसटीएफ पूछताछ कर रही है। बलरामपुर जनपद न्यायालय के लिपिक राजेश उपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद लगातार पुलिस अलर्ट मोड पर है। राजेश छांगुर का काफी करीबी था। उसे लेकर पता चला है कि वह 30 साल पहले भदऊ चुंगी में वैद्यजी के पास रहता था।

काशी के अलावा उसका पूर्वांचल से क्या लिंक था, इसको लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस छांगुर के दूसरे करीबियों से भी संपर्क साध रही है। काशी में आरोपी राजेश आदमपुर थाना क्षेत्र के भदऊ चुंगी इलाके में रह रहा था। उसके पास स्व. वैद्य हरिहर उपाध्याय का मकान था। इस मकान में वैद्य के रिश्तेदार भी रह रहे थे। एटीएस अब उससे जुड़े पुराने मामलों को भी खंगाल रही है।

परिजनों ने जानकारी से किया इनकार

वैद्य के परिजनों का कहना है कि उन लोगों को राजेश के बारे में कुछ पता नहीं है। 30 साल से राजेश को उन लोगों ने देखा तक नहीं। राजेश का मऊ, आजमगढ़ और काशी से क्या कनेक्शन था? इसके बारे में भी एटीएस की ओर से जानकारी जुटाई जा रही है।

3 दिन पहले पुलिस ने की थी रेड

अवैध धर्मांतरण के मामले में छांगुर बाबा के अलावा उसके कई करीबियों को पुलिस दबोच चुकी है। हाल ही में लिपिक राजेश उपाध्याय की गिरफ्तारी पुलिस ने की है। पता लगा है कि लड़कियों का धर्म परिवर्तन करवाने के मामले में भी राजेश का रोल अहम था। पुलिस उसकी पत्नी संगीता से भी पूछताछ कर रही है। आरोपी के लखनऊ स्थित नौबस्ती इलाके में पड़ते घर पर भी पुलिस ने 3 दिन पहले रेड की थी। सरकार ने मामले में नाम सामने आने के बाद राजेश को सस्पेंड कर दिया है।

8 लोगों को किया अरेस्ट

मामले में अभी तक 8 लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है। पता लगा है कि लिपिक के जरिए छांगुर अपने विरोधियों को फंसाने का काम करता था। लिपिक ही उनके खिलाफ कार्रवाई करवाता था। वह छांगुर के इशारे पर नोटिस भेजने के अलावा केस दर्ज करवाने के काम भी करता था। पुलिस के रडार पर कई प्रॉपर्टी डीलर भी हैं, जो छांगुर को प्रॉपर्टी दिलाने के बदले अच्छा कमीशन पा चुके थे।

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