Site icon Dainik Savera Times

46 गांवों के युवा थे टारगेट, नेपाल बॉर्डर पर बड़ा नेटवर्क तैयार कर रहा था छांगुर बाबा; पूछताछ में क्या-क्या खुलासे?

Changur Baba

उत्तर प्रदेश डेस्क: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में एटीएस की गिरफ्त में आए छांगुर बाबा को लेकर लगातार चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक छांगुर बाबा नेपाल बॉर्डर पर अपना नेटवर्क मजबूत करना चाहता था। धर्म परिवर्तन करवाने को लेकर वह अपने अड्डे खोलना चाह रहा था। बताया जा रहा है कि इसके लिए वह टीम भी बना चुका था। उसके निशाने पर आसपास के 46 गांवों के लोग थे।

छांगुर बाबा सीमा के आसपास के युवाओं को कट्टर सोच और जिहाद की ओर ले जाना चाहता था। वह युवाओं को बरगलाने के लिए सभाएं करता था। अपने संगठन के पर्चे भी वितरित करता था। यही नहीं, युवाओं को अपनी तरफ झुकाने के लिए वह उन्हें पैसों का लालच भी देता था। युवाओं को किसी न किसी तरह अपने फेवर में करने की कोशिश कर रहा था। एजेंसियों ने और भी चौंकाने वाले दावे किए हैं।

मूवमेंट के लिए रखा 10 करोड़ का टारगेट

उसने इस्लामिक मूवमेंट फैलाने के लिए मुहिम छेड़ रखी थी। बताया जा रहा है कि इसके लिए उसने 10 करोड़ रुपये का टारगेट रखा था। विदेशों से भी उसे लगातार समर्थन मिल रहा था। वह नेपाल में अपना नेटवर्क मजबूत करने के लिए काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि 2015 तक छांगुर बाबा सिर्फ मोटरसाइकिल पर अंगूठियां और नग बेचने का काम करता था।

2020 आते-आते उसका रहन-सहन बदल गया था। वह बेहद अमीर बन चुका था, उसके करीबियों की संपत्तियां तेजी से बढ़ीं। वह अब लग्जरी गाड़ियों में घूमने लगा था। सूत्रों के मुताबिक वह सरकारी जमीनों पर कब्जे भी करने लगा था। तालाबों, चरागाहों की जमीनें उसके टारगेट पर थीं। तहसील कर्मियों की मिलीभगत से उसने उतरौला में तालाब की जमीन अपने कब्जे में कर इसे नीतू रोहरा के नाम से आगे बेचा था। इसके लिए 1 करोड़ की ट्रांजेक्शन हुई थी।

एक कोठी गिरा चुका प्रशासन

उसकी कब्जे की जमीन पर बनाई गई एक कोठी प्रशासन गिरा चुका है। पुलिस ने पूरे प्रकरण में 18 और लोगों को भी गवाह बनाया है। अगस्त 2024 में FIR भी दर्ज हुई, लेकिन 8 महीने सिर्फ इन्वेस्टिगेशन ही जारी रही। सूत्रों के मुताबिक अब छांगुर बाबा का सिर्फ 2 दिन का रिमांड ही एटीएस के पास बचा है।

Exit mobile version