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40 देशों में पैठ, 20 हजार शागिर्दों की धौंस; एक इशारे पर युवतियां फंसा देती थी रेप केस में… छांगुर बाबा के काले कारनामे

Changur Baba case

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के छांगुर बाबा के मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। वह लोगों पर प्रभाव दिखाने के लिए 40 देशों में अपनी पैठ होने की बात बताता था। खुद के 20 हजार से ज्यादा समर्थक होने की धौंस भी आरोपी दिखाता था। यही नहीं, जो लोग उसके प्रभाव में नहीं आते थे, उनके ऊपर फर्जी मुकदमे दर्ज करवा देता था। उनको धमकी दिलवा देता था। उसके पास ऐसी युवतियों की टीम थी, जो उसके एक इशारे पर किसी के खिलाफ भी रेप का फर्जी केस दर्ज करवा देती थी।

बताया जाता है कि प्रशासन के कई लोग भी उससे मिले थे, जिनके सहारे वह बेखौफ होकर काम करता था। करीब 15 साल से यह खेल चल रहा था। जो भी शख्स धर्म परिवर्तन के लिए राजी हो जाता था, उसे मोटी रकम दी जाती थी। जो व्यक्ति उसका कहना नहीं मानता था, उसे जेल में भिजवा दिया जाता था। वह धर्म परिवर्तन से पहले लोगों को कलमा पढ़वाने और प्रतिबंधित पशु का मांस खिलाने के लिए कहता था।

कमाई छिपाने के लिए बनवाई थी ट्रस्ट

पूरे प्रक्रिया के वीडियो और फोटो खींचे जाते थे। इसके बाद उन वीडियोज को इस्लामिक देशों की फंड मुहैया करवाने वाली संस्थाओं को भेजता था। सूत्रों के मुताबिक आरोपी मुगल बादशाह औरंगजेब की किताबें पढ़ता था। काली कमाई छिपाने के लिए उसने ट्रस्ट बनवा रखी थी।

छांगुर अपने विरोधियों को फंसाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर देता था। पता लगा है कि वह अपने विरोधियों की सुपारी भी दे देता था। उसके कई राज्यों की संस्थाओं से भी संबंध थे। केरल और कोलकाता में भी अपना नेटवर्क मजबूत करने के लिए वह काम कर रहा था। आरोपी की कुछ जमीन पुणे में भी बताई गई है। कोविड काल में उसने जमीन खरीदने का धंधा तेज किया था।

FIR में 18 लोगों के नाम

एटीएस को जांच के दौरान मधपुर आवास से कई दस्तावेज मिले हैं। अब तक FIR में 18 लोगों के नाम दर्ज किए जा चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक अभी फेहरिस्त और भी लंबी हो सकती है। पुलिस छांगुर के करीबी कमालुद्दीन, ऐमन रिजवी, सगीर और रियाल की भूमिका को लेकर भी जांच कर रही है।

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