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60 साल की उम्र शादी करने जा रहा BJP का ये दिग्गज नेता, पार्टी कार्यकर्ता के साथ लेंगे सात फेरे

April 18, 2025

60 साल की उम्र शादी करने जा रहा BJP का ये दिग्गज नेता, पार्टी कार्यकर्ता के साथ लेंगे सात फेरे

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष अब शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। वह शुक्रवार को अपनी कोलकाता स्थित घर पर रिंकी मजूमदार से विवाह करेंगे। दिलीप घोष 60 साल की उम्र में पहली बार शादी कर रहे हैं, और यह शादी उनके लिए खास है क्योंकि वह 19 साल की उम्र से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े थे। अब 41 साल बाद, अपनी मां के कहने पर उन्होंने शादी करने का निर्णय लिया है। दिलीप घोष की मां भी कोलकाता पहुंच चुकी हैं, ताकि वह अपने बेटे की शादी में शामिल हो सकें।

दिलीप घोष और रिंकी मजूमदार का विवाह एक बहुत ही निजी समारोह में होगा, जिसमें सिर्फ उनके करीबी रिश्तेदार शामिल होंगे। इस खबर के साथ ही सवाल उठता है कि रिंकी मजूमदार कौन हैं, और कैसे उनकी दोस्ती अब शादी में बदलने जा रही है?

कौन हैं रिंकी मजूमदार?
रिंकी मजूमदार 50 साल की हैं और तलाकशुदा हैं। उनका एक 25 साल का बेटा है, जो आईटी सेक्टर में काम करता है। रिंकी बीजेपी की सक्रिय सदस्य हैं और महिला मोर्चा से जुड़ी हुई हैं। दिलीप घोष और रिंकी एक ही शहर, कोलकाता के न्यूटाउन इलाके में रहते हैं, जिससे उनका करीबी संपर्क था।

कैसे हुई दिलीप और रिंकी की दोस्ती?
दिलीप घोष और रिंकी मजूमदार की मुलाकात तब हुई थी जब दिलीप घोष बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष थे। एक कार्यक्रम के दौरान उनकी पहचान हुई, और दिलीप घोष के कहने पर रिंकी ने बीजेपी जॉइन की थी। 2021 में उनकी दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम में बदल गई। 2024 में जब दिलीप घोष लोकसभा चुनाव हार गए, तो वह काफी उदास थे। इस दौरान रिंकी ने दिलीप घोष के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि वह परिवार शुरू करना चाहती हैं और अब वह अकेली हैं, इसलिए दिलीप घोष के साथ रहना चाहती हैं। हालांकि, पहले दिलीप घोष ने शादी के लिए मना कर दिया था, लेकिन बाद में अपनी मां के आग्रह पर उन्होंने शादी करने का फैसला किया।

जानें दिलीप घोष के बारे में
दिलीप घोष युवावस्था से ही आरएसएस के सदस्य रहे हैं और 2015 में बीजेपी में शामिल हुए थे। बीजेपी में सक्रिय होने से पहले उन्होंने संघ में कई भूमिकाओं में सेवा की। उन्हें राज्य अध्यक्ष के रूप में माकपा (CPM) के खिलाफ बीजेपी को पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी दल के रूप में स्थापित करने का श्रेय जाता है। दिलीप घोष को 2024 के विधानसभा चुनावों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।

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