नेशनल डेस्क: भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर लगातार तैयारियों में जुटी है। इससे पहले कई सूबों में बीजेपी अपने अध्यक्षों का ऐलान कर चुकी है। हालांकि यूपी जैसे बड़े राज्य में फिलहाल नियुक्ति का इंतजार है। अब नया बीजेपी अध्यक्ष कैसा होगा, सूत्रों के मुताबिक इसको लेकर RSS से भी हरी झंडी मिल चुकी है। 2024 में लोकसभा चुनाव में बीजेपी पिछले 2 बार की तरह पूर्ण बहुमत से चूक गई थी।
अब बीजेपी पूर्ण रूप से तो सत्ता में नहीं है, उसे गठबंधन में सरकार चलानी पड़ रही है। माना जा रहा है कि अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का हस्तक्षेप पहले से ज्यादा हो गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कुछ बयान जारी किए थे। इनको बीजेपी के लिए एक मैसेज के तौर पर देखा जा रहा है। संघ प्रमुख ने सत्ता में बढ़ती अहंकार की भावना को लेकर टिप्पणी की थी। माना जा रहा है कि यह किसी नेतृत्व के व्यक्तिगत केंद्रित मॉडल पर कटाक्ष है।
🚨 BIG! BJP likely to elect new National President in June.
Top contenders:
— Shivraj Singh Chouhan.
— Manohar Lal Khattar.
— Dharmendra Pradhan.— A formal process could begin as early as mid-June. [HT] pic.twitter.com/HleljFrM9q
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) June 8, 2025
ऐसे चेहरे को चाहता है आरएसएस
सूत्रों के मुताबिक संघ नए अध्यक्ष को लेकर कुछ खासियतें चाहता है। संघ चाहता है कि संगठन से जुड़े रणनीतिकार, वैचारिक मार्गदर्शक वाले चेहरे को तवज्जो मिले। कम उम्र का अध्यक्ष बने। व्यक्तिगत प्रभुत्व के लिए किसी प्रकार की जगह नहीं हो। कैडर से संवाद करने वाले, फीडबैक को स्वीकार करने वाले चेहरे को तवज्जो मिले। पार्टी में बढ़ रहे टेक्नोक्रेट्स और राजनीतिक प्रवासियों की भूमिका पर भी संघ ने चिंता जाहिर की है। संघ चाहता है कि अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष अपनी मेहनत के दम पर बने।
8 राज्यों में नियुक्तियां बाकी
आरएसएस ऐसे नेता को चाहता है, जो शाखा, प्रांत प्रचारक और बूथ स्तर से ऊपर उठा हो। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नीतियों को लेकर जिनके विचार स्पष्ट हों। बीजेपी ने फिलहाल 28 राज्यों में नए प्रदेशाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। 8 महत्वपूर्ण राज्यों यूपी, गुजरात, हरियाणा और कर्नाटक में नियुक्तियां बाकी हैं। पार्टी जमीनी स्तर पर पुनर्गठन करने के प्रयास कर रही है। मोहन भागवत ने हाल में बयान दिया था कि जो लोग 75 पार कर चुके हैं, उन लोगों को उत्तराधिकार तय करने की जरूरत है। कहीं न कहीं उनका बयान 75 पार नेताओं के लिए मैसेज देने वाला है।

