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‘वीर साहिबजादों ने धार्मिक कट्टरता और आतंकवाद की नींव हिला दी’, वीर बाल दिवस पर पीएम मोदी

December 26, 2025

‘वीर साहिबजादों ने धार्मिक कट्टरता और आतंकवाद की नींव हिला दी’, वीर बाल दिवस पर पीएम मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर बाल दिवस के मौके पर गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबजादों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बहुत कम उम्र में भी इन वीर बालकों ने मुगल शासन के अत्याचार और धार्मिक कट्टरता के खिलाफ डटकर मुकाबला किया और उसकी नींव हिला दी।

साहिबजादे भारत के साहस और निडरता की मिसाल

26 दिसंबर को आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि साहिबजादे भारत के साहस, बलिदान और निडरता की मिसाल हैं। उन्होंने बताया कि इतनी छोटी उम्र में भी साहिबजादों ने उस समय की सबसे ताकतवर मुगल सत्ता का सामना किया और अन्याय के आगे झुकने से इनकार कर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, “आज देश वीर बाल दिवस मना रहा है। हम उन बहादुर साहिबजादों को याद कर रहे हैं, जिन्होंने उम्र और हालात की सीमाओं को तोड़ दिया। वे क्रूर मुगल सल्तनत के खिलाफ चट्टान की तरह खड़े रहे। ऐसा गौरवशाली इतिहास रखने वाला देश हर लक्ष्य हासिल कर सकता है।”

इतिहास का जिक्र कर क्या बोले प्रधानमंत्री?

पीएम मोदी ने इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि 26 दिसंबर 1704 को गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे पुत्र साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह को इस्लाम स्वीकार करने से मना करने पर सरहिंद में दीवार में जिंदा चिनवा दिया गया था। यह आदेश उस समय के शासक औरंगजेब के अधीन नवाब वजीर खान ने दिया था। वहीं, गुरु गोबिंद सिंह जी के बड़े बेटे साहिबजादा अजीत सिंह और साहिबजादा जुझार सिंह चमकौर की लड़ाई में बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हो गए थे।

यह दिन साहस और सच्चाई से सीख लेने का दिन

वीर बाल दिवस के महत्व को समझाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह दिन सिर्फ याद करने का नहीं, बल्कि साहस और सच्चाई से सीख लेने का दिन है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सत्ता और ताकत की नहीं थी, बल्कि सच्चाई और झूठ, मानवता और कट्टरता के बीच थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि साहिबजादे उम्र में भले ही छोटे थे, लेकिन उनके हौसले इतने मजबूत थे कि औरंगजेब और उसके सेनापति भी उन्हें डिगा नहीं सके। उन्हें यह शक्ति अपने पिता गुरु गोबिंद सिंह जी से मिली थी, जो खुद त्याग और बलिदान की मिसाल थे।

साल 2022 से मनाया जा रहा वीर बाल दिवस 

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि वीर बाल दिवस मनाने की शुरुआत उन्होंने साल 2022 में की थी। पिछले चार सालों में इस परंपरा से नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान के बारे में जानने का मौका मिला है। इस दिन देश के उन बच्चों को भी सम्मानित किया जाता है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम करते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार दिया जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वीर बाल दिवस देश के बच्चों और युवाओं को साहस, सच्चाई और देशभक्ति के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।

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