नेशनल डेस्क : उत्तराखंड सरकार द्वारा अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। यह कार्रवाई ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में की गई, जहां एक करीब 100 साल पुरानी मजार को प्रशासन ने मंगलवार तड़के सुबह 4 बजे भारी पुलिस बल के साथ गिरा दिया। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
किस मजार को गिराया गया?
आपको बता दें कि जिस मजार को गिराया गया, वह ‘मासूम शाह मियां’ की मजार थी, जो रुद्रपुर के इंदिरा चौक पर स्थित थी। जानकारी के अनुसार यह मजार वक्फ बोर्ड में रजिस्टर्ड भी थी। यानी इसे आधिकारिक धार्मिक संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया था। इसके बावजूद, प्रशासन का कहना है कि यह मजार नेशनल हाइवे के चौड़ीकरण में बाधा बन रही थी, इसलिए इसे हटाना जरूरी था।
सुबह 4 बजे हुई कार्रवाई…
इस कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने मिलकर ऑपरेशन को अंजाम दिया। चूंकि मजार धार्मिक स्थल थी, इसलिए संवेदनशीलता को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया। हालांकि अब तक किसी तरह के विरोध प्रदर्शन की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन तनाव की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
राजनीतिक और कानूनी पेंच
इस पूरे मामले पर रुद्रपुर के विधायक शिव अरोरा का बयान भी चर्चा में है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इस कार्रवाई को वक्फ कानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना बता रहे हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में वक्फ संपत्तियों, जैसे कि मजारें, कब्रिस्तान आदि पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा रखी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई में यह कार्रवाई कानून के खिलाफ है? फिलहाल इस मामले पर किसी बड़ी प्रतिक्रिया या विरोध की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। साथ ही, यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर वक्फ बोर्ड या सुप्रीम कोर्ट कोई स्पष्टीकरण या कार्रवाई करता है या नहीं।

