नेशनल डेस्क: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 नक्सलियों को मार गिराया है। मारे गए नक्सलियों में संगठन का बड़ा नेता मनोज उर्फ मोडेम बालकृष्ण भी शामिल है। उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
ऑपरेशन कैसे चला?
सूत्रों के मुताबिक, खुफिया जानकारी से पता चला था कि इलाके में शीर्ष नक्सली नेता बालकृष्ण मौजूद है। इसी आधार पर बुधवार को सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन शुरू किया और मुठभेड़ में 10 नक्सली ढेर कर दिए।
10 naxals, including CC member Manoj alias Modem Balkrishna, neutralised by security forces in Gariyaband district of Chhattisgarh: SP Gariaband Nikhil Rakhecha https://t.co/SYwcXBVvi0
— ANI (@ANI) September 11, 2025
कौन था बालकृष्ण?
बालकृष्ण नक्सली संगठन का बड़ा नेता था। उस पर हत्या, लूट और पुलिस पर हमले जैसे कई गंभीर अपराधों के आरोप थे। उसकी मौत से नक्सली संगठन को बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह कई बड़ी वारदातों का मास्टरमाइंड था। सुरक्षाबलों का कहना है कि इस कार्रवाई से नक्सली नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिलेगी और इलाके में शांति बहाल करने की दिशा में यह एक अहम कदम है।
16 नक्सलियों ने सरेंडर किया
इससे पहले, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली माओवादी विचारधारा से निराश हो चुके थे। उन्होंने निर्दोष आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों और संगठन में बढ़ते आंतरिक मतभेदों को वजह बताया। पुलिस पूछताछ में नक्सलियों ने बताया कि असल में माओवादी शीर्ष नेता ही आदिवासियों के दुश्मन हैं।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नक्सली नेताओं के बारे में सरेंडर करने वालों ने कहा, “वे शहरों या विदेश में बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर निचले कैडरों को अपना निजी गुलाम बना लेते हैं।” सरकार ने सभी आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी है और उन्हें पुनर्वास नीति के तहत मदद प्रदान की जाएगी।

