नेशनल डेस्क: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने संकेत दिया है कि वह बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि उनका सपना “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” का विजन है, जिसे वे केवल केंद्र से नहीं, बल्कि बिहार में सक्रिय भूमिका निभाकरही साकार कर सकते हैं।
क्या बोले चिराग पासवान?
चिराग पासवान ने कहा, “अब मैं खुद को बिहार में ज़्यादा देखता हूं। मैंने दिल्ली में पढ़ाई की, मुंबई में काम किया और देखा कि दूसरे राज्यों में बिहारी कैसे संघर्ष कर रहे हैं। बिहार को बदलने के लिए मुझे वापस आना पड़ा।” उन्होंने माना कि केंद्र में रहकर बिहार का पूरा विकास संभव नहीं, इसलिए वे राज्य की राजनीति में सक्रिय होना चाहते हैं।
चुनाव लड़ने पर अभी पार्टी का फैसला बाकी
हालांकि, चिराग पासवान ने यह स्पष्ट किया कि उन्होंने अभी तक औपचारिक रूप से विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला नहीं किया है।” उन्होंने कहा, ”पार्टी के अंदर चर्चा चल रही है। यह देखा जा रहा है कि मेरे चुनाव लड़ने से पार्टी को लाभ होगा या नुकसान।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब कोई केंद्रीय मंत्री विधानसभा चुनाव लड़ता है, तो पूरा संगठन एक ही सीट पर केंद्रित हो सकता है, जिससे अन्य सीटों पर असर पड़ सकता है।
CM पद की अटकलों को किया खारिज
चिराग पासवान ने इस बात पर भी जोर दिया कि वह मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को समर्थन देते हुए कहा, “मुझे नीतीश कुमार पर पूरा भरोसा है। जनता उन्हें ‘सुशासन बाबू’ कहती है और वे ही गठबंधन का चेहरा बने रहेंगे।”
सभी 243 सीटों पर एनडीए को समर्थन
जून में आरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए चिराग ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर एनडीए को समर्थन देगी। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है एनडीए को हर सीट पर जिताना, और गठबंधन को मजबूत करना।”
राजनीतिक संकेत और भविष्य की तैयारी
चिराग पासवान के इस बयान को बिहार में भविष्य की बड़ी राजनीतिक भूमिका की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव 2025 में होने हैं, और इससे पहले चिराग ने अपना इरादा स्पष्ट कर दिया है कि वे दिल्ली से अधिक अब पटना की राजनीति में सक्रिय रहना चाहते हैं।

