नेशनल डेस्क: हिजाब विवाद के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट और सोशल मीडिया पर मिली धमकियों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
सुरक्षा इंतजामों को और सख्त करने के निर्देश
सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि कुछ असामाजिक और आपराधिक तत्व मुख्यमंत्री को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा की समीक्षा डीजीपी बिहार और एडीजी (स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप – SSG) स्तर पर की गई। समीक्षा के बाद सुरक्षा इंतजामों को और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
SSG के जवानों की तैनाती बढ़ाई गई
अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफी नजदीक सिर्फ चुनिंदा और हाई-प्रोफाइल लोगों को ही जाने की अनुमति होगी। उनके कार्यक्रमों, आवास और आवागमन के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल को पहले से ज्यादा कड़ा कर दिया गया है। SSG के जवानों की तैनाती और निगरानी को भी बढ़ाया गया है। इसके साथ ही, राज्य के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है और निगरानी बढ़ा दी गई है।
सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक बढ़ी निगरानी
सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री को धमकियां मिलने की जानकारी सामने आई है। इन्हीं इनपुट्स को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित खतरे की आशंका जताई और उसी के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को अपग्रेड किया गया है।खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में कहा गया है कि हिजाब विवाद के बाद कुछ कट्टर और असामाजिक तत्वों में नाराजगी देखी गई है।
संदिग्ध गतिविधियों पर रखी जा रही नजर
इसी वजह से मुख्यमंत्री को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है और मुख्यमंत्री की सुरक्षा में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

