नेशनल डेस्क : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को दिल्ली में जल आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने 1,111 जीपीएस युक्त पानी के टैंकरों को हरी झंडी दिखाकर इस पहल की शुरुआत की। इस कदम का उद्देश्य जल आपूर्ति की निगरानी को सरल बनाना और भ्रष्टाचार को रोकना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य टैंकर माफिया को समाप्त कर हर घर तक नल से पानी पहुंचाना है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
मुख्यमंत्री का संकल्प और योजनाएं…
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य सिर्फ हंगामा खड़ा करना नहीं है, बल्कि दिल्ली की सूरत बदलना है। उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में दिल्ली के सभी सांसद, विधायक, पार्षद और अधिकारी मिलकर विकास के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने पिछले 27 वर्षों के ‘दुख के वनवास’ को समाप्त करने का संकल्प लिया और कहा कि केवल 60 दिनों में टैंकर माफिया को समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
पानी के टैंकरे में लगा है GPS
गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक पानी के टैंकर में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है, जिससे पानी की आपूर्ति की निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा, टैंकरों की निगरानी का काम अब जनता खुद करेगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकार पारदर्शिता और ईमानदारी से काम कर रही है, जिससे न पानी की लीकेज होगी और न ही भ्रष्टाचार की कोई संभावना रहेगी।
दिल्ली के हर घर तक नल से जल की योजना
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टैंकरों का इस्तेमाल केवल एक अस्थायी समाधान है। दिल्ली सरकार का प्रमुख लक्ष्य यह है कि सभी घरों तक नल से जल पहुंचाने के लिए एक योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए। इसके लिए दिल्ली सरकार ने जल विभाग के लिए 9,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इसमें 150 करोड़ रुपये स्मार्ट मीटर और स्काडा सिस्टम के लिए आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, दिल्ली की सूख चुकी जल संरचनाओं का पुनर्जनन, पाइपलाइन बिछाने, नालों की री-मॉडलिंग और डी-सिल्टिंग जैसे कार्यों के लिए भी पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया गया है।
नया डिजिटल दिल्ली और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि फंड की कमी से कोई भी काम नहीं रुकेगा और सरकार हर विभाग में डिजिटल दिल्ली के सपने को साकार करेगी। इस कार्यक्रम में उपस्थित सांसदों, मंत्रियों और अधिकारियों ने एकजुट होकर दिल्ली के विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
पुरानी सरकारों पर निशाना
गुप्ता ने पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सांसदों और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच तालमेल की कमी थी, जिसकी वजह से श्रेय लेने की होड़ रहती थी। लेकिन अब सभी एक टीम के रूप में काम कर रहे हैं और दिल्ली की बेहतरी के लिए एकजुट हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह पहल दिल्लीवासियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। जीपीएस युक्त टैंकरों और पारदर्शी व्यवस्था के साथ सरकार जल संकट को खत्म करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। दिल्ली के जल संकट से निपटने के लिए यह कदम एक महत्वपूर्ण शुरुआत साबित हो सकती है।

