नेशनल डेस्क : भारत में कोरोनावायरस एक बार फिर से धीरे-धीरे फैलने लगा है। हालांकि अभी तक जो भी मामले सामने आए हैं, वे ज्यादातर सामान्य हैं और मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। पहले जहां स्वाद और गंध का चले जाना सबसे बड़ा लक्षण माना जाता था, अब कोरोना के लक्षणों में बदलाव देखा जा रहा है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
वायरल और कोरोना के लक्षण एक जैसे
इन दिनों मौसम में बदलाव की वजह से खांसी, जुकाम, गले में खराश, बुखार जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है – कहीं ये कोविड तो नहीं? क्योंकि कोरोना के कुछ लक्षण अब वायरल संक्रमण जैसे लगने लगे हैं।

नया वैरिएंट गंभीर नहीं, लेकिन…
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि कोरोना का नया वैरिएंट NB.1.8.1 या NF.7 अभी तक गंभीर नहीं माना गया है। इसके बावजूद यह तेजी से फैल रहा है, खासतौर पर भारत के दक्षिणी राज्यों जैसे केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में। WHO के अनुसार, इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं…
-गले का चोक होना
-थकावट का अहसास
-हल्का बुखार
-मांसपेशियों में दर्द
-नाक बंद होना
-लगातार सिर दर्द
-पेट में गैस या हल्की गड़बड़ी
अब नहीं दिखते पुराने लक्षण…
डॉक्टरों का कहना है कि अब संक्रमित लोगों में गंध और स्वाद न आना जैसे लक्षण कम ही देखे जा रहे हैं। इसलिए अगर आपको उपरोक्त लक्षण महसूस हों तो आप घर पर एंटीजन टेस्ट या RT-PCR टेस्ट जरूर करवाएं। इसके अलावा पानी अधिक पीएं, ऑक्सीजन लेवल की निगरानी करें, भीड़भाड़ से बचें और मास्क पहनें।
वैरिएंट्स को नजरअंदाज न करें
स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक देश की 95% वयस्क आबादी को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज मिल चुकी हैं और 75% लोगों ने बूस्टर डोज भी ले लिया है। हालांकि अभी सिर्फ 18% लोगों को ही ओमिक्रॉन जैसे नए वैरिएंट से लड़ने वाली वैक्सीन लगी है। NB.7 वैरिएंट मुख्य रूप से दक्षिण भारत में फैला है, जबकि विदेश से लौटे यात्रियों में NB.1.8.1 संक्रमण देखा गया है।
घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बिना लक्षणों को नजरअंदाज किए जांच करवाना और जरूरी एहतियात बरतना बेहद जरूरी है। अगर आपके इलाके में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, तो मास्क पहनें, हाथ साफ रखें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।