
नेशनल डेस्क : गुजरात में एक आरटीओ की अवैध वसूली के मामलों के बाद ट्रक ड्राइवरों की दरिंदगी से पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है। बता दें कि वीडियो हाल का है, जिसमें एक आरटीओ दाहोद जिले में हरियाणा के एक ट्रक ड्राइवर और क्लीनर को निर्ममता से पीटता दिख रहा है। दरिंदगी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।
इसके ऊपर लोगों की जमकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि मामले में अभी तक राज्य सरकार या प्रशासन की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपी अधिकारी का नाम वीके परमार बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि कैसे अधिकारी बेरहमी से ट्रक चालक की पिटाई कर रहा है। अधिकारी को जब पता लगता है कि उसका वीडियो बनाया जा रहा है तो वह पीड़ित को छोड़ देता है।
દાહોદ-અમદાવાદ હાઇવે ઉપર દેવગઢ બારિયા પાસે આરટીઓ ઇન્સ્પેકટરની દબંગાઈનો વિડીઓ વાઇરલ થયો છે.
વિડિઓમાં દાહોદ RTOના ઇન્સ્પેકટર વી. કે. પરમાર એક ટ્રક ચાલકને હાઇવે ઉપર બઉ ખરાબ રીતે માર મારતા દેખાઈ રહ્યા છે.
શું કહેશો? pic.twitter.com/e5c8Yl7SMK
— Sagar Patoliya (@kathiyawadiii) July 5, 2025
बताया जा रहा है कि ट्रक चालक और क्लीनर मूल रूप से हरियाणा के मेवात जिले के नूंह का रहने वाला है। आरोप है कि ट्रकों की एंट्री के लिए यहां चालकों से आरटीओ अवैध वसूली करता है। हर वाहन चालक से 1 हजार से लेकर 10 हजार रुपये की रिश्वत ली जाती है। घायल ट्रक ड्राइवर की हालत चिंताजनक बताई जा रही है, जिसको इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
ટ્રક ડ્રાઈવર શું કહે છે સાંભળો..
એક એન્ટ્રીના 1000/- ઉઘરાવાય છે, મહિનાની 3 એન્ટ્રી એટલે અંકે રૂપિયા ત્રણ હજાર પૂરા..
ટ્રક ડ્રાઈવર અત્યારે સારવાર હેઠળ છે.. https://t.co/oE1pEVZX9y pic.twitter.com/uygVEgHNDe
— Sagar Patoliya (@kathiyawadiii) July 5, 2025
बताया जा रहा है कि मामला इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर स्थित असयादी गांव का है। वीके परमार वीडियो में ड्राइवर को बुरी तरह मारता नजर आ रहा है। दूसरा शख्स पीड़ित के बाल खींच रहा है। पीड़ित चीख-पुकार कर अधिकारी से छोड़ देने की गुहार लगा रहा है, लेकिन उसके ऊपर कोई असर नहीं दिखता। इसके बाद परमार वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के साथ भी गलत तरीके से पेश आता है।
सूत्रों के मुताबिक इस वीडियो को किसी गांव की महिला सरपंच के पति ने रिकॉर्ड किया है, जो उस समय गांधीनगर जा रहे थे। घायल चालक को अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। वहीं, संबंधित अधिकारी ने मारपीट से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि चालक ने स्टॉप सिग्नल की अनदेखी की और उनको टक्कर मारने की कोशिश की। वायरल वीडियो के बारे में उनको नहीं पता।