चार वेद छ: शास्त्र में, बात मिली है दोय,
सुख दीजे सुख होत है, दुख दीजे दुख होय।।
प्रिय पाठकों, जय माता दी
मन केवल मेरा ही दुखी नहीं है। मैं जानता हूं कि उत्तर भारत का हर एक व्यक्ति दुखी है। आंसू केवल मेरी आंखों में ही नहीं हैं, हर उस आंख में आंसू है जिसने यह मंजर देखा है।जिन कानों ने तड़पते और रोते हुए लोगों की चीखों को सुना है उन कानों की क्या स्थिति है उसे आप सब भी महसूस कर सकते हैं। बादलों का फटना, पहाड़ों का गिरना, नदियों का गरजना, घरों-मकानों को साथ बहाकर ले जाना, घूमने गए और धार्मिक स्थानों पर दर्शन करने गए भक्तों का पहाड़ों तले दब जाना और नदियों का निगल जाना। यह सब कहां कोई भूल सकता है। जिनकी आंखों के सामने उनके मौत की गोद में सो गए, उनकी क्या स्थिति परिजन बह गए या पत्थरों के नीचे दबकर हुई होगी? मेरा तो सोच कर ही कलेजा मुंह को आ रहा है, तो जिन्होंने इसे सहन किया है, उनकी क्या स्थिति होगी भला?
पंजाब ने पिछले 50 साल में ऐसा मंजर नहीं देखा। जब बांध नहीं थे तब बात और थी, जब से सतलुज और ब्यास पर बांध बने हैं तब से पंजाब ने इतनी तबाही नहीं देखी। लेकिन इस बार तो पंजाब ने तबाही का वो मंजर देखा है कि दिल कांप जाता है। किसानों की फसलें गई, घर गए, पशु गए, ट्रैक्टर ट्रालियां गई, कई लोग बेघर हो गए। धान की खेती तबाह हो गई और मजदूर भी बेकार होकर भूखों मरने को मजबूर हो गए। सतलुज और ब्यास के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोग घरों से बेघर होकर कैसी जिंदगी बिता रहे हैं उसका तो जिक्र करना भी बहुत मुश्किल है।

रावी नदी पर माधोपुर में बना डैम टूट गया तथा उसके गेट टूटकर बह गए। रावी ने ऐसा कहर बरपाया कि पठानकोट से दीनानगर और वहां से आगे डेरा बाबा नानक तक का सारा एरिया बर्बाद हो गया। एक तरफ दरिया और दूसरी तरफ पाकिस्तान का बार्डर। कैसे रह रहे हैं वे लोग इसके बारे में सोचकर ही मन कांप जाता है। और पहाड़ के लोगों पर क्या बीती, जरा सोचकर तो देखें। अंदाजा तो करे, कैसे जी रहे होंगे वे लोग। इतना ही नहीं है, अनेक लोग तो आज भी ऐसे बिलखते हुए भटक रहे हैं, जिनके परिजन न तो जीवित ही मिल रहे हैं और न ही उनके शव मिल रहे हैं। मन विचलित है पाठको, और सबसे बड़ी बात कि आपदा अभी भी थमने का नाम नहीं ले रही। कुछ पता नहीं कि अभी और कहां-क्या होने वाला है।
जो चले गए, हम उन्हें वापस नहीं ला सकते, जिनके घर तबाह हो गए हम उन्हें घर भी बनाकर नहीं दे सकते। जो गहरे जख्म बच गए लोगों के मन पर लग गए हैं हम उन्हें हम पूरी तरह से भर भी नहीं सकते। परन्तु थोड़ा-सा मरहम तो कर सकते हैं न? यही सोचकर दैनिक सवेरा टाइम्स परिवार ने निर्णय लिया है कि प्रभावित लोगों की सहायता के लिए एक छोटा-सा प्रयास किया जाए, एक ‘बाढ़ राहत कोष’ प्रारम्भ किया जाए। परन्तु कोई अकेला कुछ नहीं कर सकता, सबके सहयोग से सकता है। आप सब ही दैनिक सवेरा परिवार का ही हिस्सा हैं, पहले भी जब भी कभी कोई आपदा आई और हमने रिलीफ फंड प्रारम्भ किया तो आपका सम्पूर्ण सहयोग मिला है। अपनी ओर से 11 लाख रुपए की एक छोटी-सी भेंट के साथ इस फंड की शुरुआत करने जा रहे हैं। आप सबका अपार सहयोग मिलेगा,इस बात का मुझे पूरा विश्वास है, फिर भी आप से सविनय निवेदन कर रहा हूं, सहयोग कीजिए, यथाशक्ति हिस्सा डालिए। यह आपकी ओर से बच गए लोगों के लिए सहायता और चले गए लोगों के लिए श्रद्धांजलि होगी।
दानी सज्जन कृपया ध्यान दें
दुखियों की सहायतार्थ दानी सज्जन राहत सामग्री जैसे कि आटा, दाल, चावल, चीनी, ब्रैड व अन्य घरेलू सामान दैनिक सवेरा के कार्यालय 259, लाजपत नगर, निकट गुरू नानक मिशन चौक, जालंधर में पैकेटों में जमा करवा सकते हैं। दानी सज्जन अपनी राहत सामग्री स्वयं भी पीड़ितों में बांट सकते हैं, दैनिक सवेरा दानियों को वाहन आदि की सुविधा उपलब्ध करवाएगा। कृपया राहत सामग्री देते समय रसीद भी प्राप्त अवश्य करें। सहायता राशि बैंक ड्राफ्ट, चैक अथवा नकदी के रूप में जमा कराई जा सकती है। जिन्होंने चैक अथवा ड्राफ्ट भेंट करना हो वे ‘दैनिक सवेरा वैल्फेयर फाऊंडेशन’ के नाम का चैक अथवा ड्राफ्ट भेजें, जिन्होंने नकदी के रूप में फंड देना हो वे दैनिक सवेरा कार्यालय में देकर रसीद प्राप्त करें।
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कपूर अस्पताल ने बढ़ाया हाथ, राहत कोष के लिए दिए 1.51 लाख रुपए
सवेरा न्यूज/सतीश शर्मा (जालंधर): महानगर के कपूर अस्पताल के एम.डी. डा. जशनीव कपूर ने बाढ़ राहत कोष के लिए दैनिक सवेरा वैल्फेयर फाऊंडेशन की ओर से शुरू की गई मुहिम के तहत 1.51 लाख रुपए की राशि का चैक दैनिक गया। दैनिक सवेरा के मुख्य संपादक श्री शीतल विज को भेंट ही यह पुण्य कार्य सम्भव तथा सफल हो किया। अस्पताल के एम.डी. डा. कपूर ने रविवार को सवेरा भवन में श्री शीतल विज से मुलाकात की। साथ ही साथ उन्होंने दैनिक सवेरा की ओर बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद करने के लिए शुरू की गई मुहिम की जमकर तारीफ की।
दानी सज्जनों की सूची
दैनिक सवेरा टाइम्स: 11.00 लाख रुपए
श्री सिद्ध बाबा सोढल मंदिर ट्रस्ट, जालंधर : 02.00 लाख रुपए
कपूर अस्पताल, जालधर: 1.51 लाख रुपए
श्री गीता मंदिर मॉडल टाऊन, जालधर : 2.01 लाख रुपए
कुल : 16.52 लाख रुपए