नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 28 बेगुनाह लोगों की जान चली गई। इस घटना से पूरा देश सदमे में है और लोग केंद्र सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी बीच कपिल सिब्बल का कहना है कि यह हमला एक सोची-समझी साजिश थी। पाकिस्तान को आधिकारिक रूप से ‘आतंकवादी देश’ घोषित किया जाए। हम सरकार के साथ खड़े हैं।
कपिल सिब्बल का बयान
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने इस हमले को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, “यह हमला पूरी तरह से पागलपन और सनक की हद है। यह एक सोची-समझी साजिश थी।” उन्होंने बताया कि हमले की जगह बैसारन घाटी को इसलिए चुना गया क्योंकि वह इलाका दूर और कठिन रास्तों में है, जहां गाड़ियाँ नहीं जातीं। सिर्फ घोड़े या खच्चरों से ही वहां पहुँचा जा सकता है। आतंकियों को पता था कि हमला करने के बाद सुरक्षाबलों को वहां पहुंचने में वक्त लगेगा, जिससे वे आसानी से भाग सकते थे।
#WATCH दिल्ली: #PahalgamTerroristAttack पर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा, “इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में मुकदमा चलाया जाना चाहिए। मैं गृह मंत्री से आग्रह करता हूं कि वे पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करें और अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय में जाएं।… pic.twitter.com/D8oQKuLrLg
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 23, 2025
पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित किया जाए
सिब्बल ने कहा कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर का बयान, जो हमले से ठीक एक हफ्ते पहले आया था, उस पर गौर किया जाना चाहिए। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह से अपील की, “इस हमले के पीछे जो लोग हैं, उनके खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में मुकदमा चलाया जाए। साथ ही पाकिस्तान को आधिकारिक रूप से ‘आतंकवादी देश’ घोषित किया जाए। विपक्ष इस मामले में सरकार के साथ खड़ा होगा।”
हमले से जुड़ी जांच में क्या पता चला?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक,आतंकियों ने स्थानीय आतंकियों और ‘ओवर ग्राउंड वर्कर्स’ की मदद से हमले की पूरी प्लानिंग की। उन्होंने हमले से पहले इलाके की रेकी(जांच) की थी। आतंकियों ने बॉडीकैम पहनकर इस पूरी घटना की वीडियोग्राफी की। महिलाओं और पुरुषों को अलग कर निशाना बनाया गया। कुछ लोगों को पास से, तो कुछ को दूर से गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया। अधिक खून बहने से ज़्यादातर लोगों की जान गई। बैसारन जैसे इलाके को इसलिए चुना गया क्योंकि वहां सुरक्षा बलों की मौजूदगी नहीं थी और बचाव में देर होनी तय थी। इस हमले की जमकर निंदा हो रही है और जनता एकजुट होकर आतंक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।

