नेशनल डेस्क: दिल्ली के रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके की जांच में एक और बड़ा कदम सामने आया है। जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने पुलवामा के रहने वाले तुफैल अहमद को हिरासत में लिया है। तुफैल पेशे से इलेक्ट्रिशियन है और स्थानीय इंडस्ट्रियल एस्टेट में काम करता था।
जांच एजेंसियों का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिनसे लगता है कि तुफैल की भूमिका इस मॉड्यूल में पहले सोचे से ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है। अब यह जांच की जा रही है कि वह किन लोगों के संपर्क में था और उसकी गतिविधियां क्या थीं। टीमें पहले से ही जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक इंटरस्टेट नेटवर्क की जांच कर रही थीं। तुफैल की गिरफ्तारी उसी कार्रवाई का हिस्सा है। लक्ष्य है इस पूरे नेटवर्क के हर सदस्य तक पहुंचना।
जांच कैसे आगे बढ़ रही है?
एजेंसियां अब तुफैल के फोन रिकॉर्ड, संपर्कों और हाल की गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही हैं। उम्मीद है कि इससे पूरी साजिश का रूप साफ़ होगा और अन्य लोगों की पहचान भी हो सकेगी। इस मामले में पहले भी कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें आत्मघाती हमलावर उमर नबी भी शामिल है, जो मेडिकल छात्र था और अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट टीचर था। उसके साथ कुछ मेडिकल स्टाफ और डॉक्टरों को भी शक के आधार पर पकड़ा गया था। जांच में विस्फोटक सामग्री और हथियार भी मिले हैं।
क्या हुआ था 10 नवंबर को?
10 नवंबर को रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास एक कार ब्लास्ट में 14 लोगों की मौत हुई थी। धमाका एक सफेद हुंडई i20 कार में हुआ था, जिसे आत्मघाती हमलावर उमर नबी चला रहा था। जांच एजेंसियों को शक है कि यह धमाका एक बड़ी साजिश का हिस्सा था और कई जगहों को निशाना बनाने की योजना हो सकती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने इस मामले को गंभीर बताया है और कहा है कि जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

