नई दिल्ली : देशभर में कोरोना संक्रमण एक बार फिर रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है। पिछले 24 घंटे में 511 नए मामले दर्ज किए गए हैं और संक्रमण की वजह से 7 लोगों की मौत हुई है। यह स्थिति लोगों में चिंता का विषय बनी हुई है, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है।आइए जानत है इस खबर को विस्तार से…
दिल्ली में कोरोना से हुई पहली मौत…
आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली में भी कोरोना के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। बीते 24 घंटे में यहां 56 नए केस सामने आए हैं। इसके साथ ही दिल्ली में 294 एक्टिव केस हो गए हैं, जबकि 214 मरीज ठीक हो चुके हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि इस साल दिल्ली में कोरोना से पहली मौत हुई है। यह मौत 60 साल की एक महिला की बताई जा रही है, जो पहले से कुछ अन्य बीमारियों से भी ग्रसित थीं।
NCR में बढ़ते मामले चिंता का कारण
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में जिस तरह से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, वह चिंता पैदा कर रहे हैं। हालांकि दिल्ली सरकार की ओर से कहा गया है कि स्थिति काबू में है और घबराने की जरूरत नहीं है। हाल ही में सीएम रेखा गुप्ता ने भी कहा था कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकार की गाइडलाइंस का पालन करें।
देशभर में एक्टिव केस 2000 के पार
वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 30 मई तक देश में कुल 2710 एक्टिव केस हो गए हैं। जबकि 26 मई तक यह संख्या सिर्फ 1010 थी। यानी चार दिन में करीब 1700 नए केस सामने आए हैं, जो तेज़ी से बढ़ते संक्रमण की ओर इशारा करता है।
कोरोना से 7 मौतें, ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक
बीते 24 घंटे में दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब और तमिलनाडु में एक-एक मौत हुई है। जबकि महाराष्ट्र में दो लोगों की मौत हुई है। मृतकों में ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक हैं। हालांकि पंजाब में एक 39 साल के व्यक्ति की भी मौत हुई है। कुछ मामलों में मौत का कारण केवल कोरोना नहीं, बल्कि अन्य बीमारियों के साथ मिलाकर बताया गया है। गुजरात में हुई मौत के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
सिक्किम में अब तक कोई केस नहीं
दिलचस्प बात यह है कि सिक्किम ऐसा राज्य है जहां अब तक इस साल कोई कोरोना मामला सामने नहीं आया है। वहीं, बिहार से संबंधित कोई ताजा डेटा नहीं मिल पाया है, जिससे वहां की स्थिति पर फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं है।
विशेषज्ञों की सलाह – सतर्क रहें, घबराएं नहीं
हालांकि संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ज़्यादातर मामलों में मरीज हल्के लक्षण वाले हैं और अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत बहुत कम पड़ रही है। इसलिए घबराने की नहीं, बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है। मास्क पहनना, हाथ धोना और भीड़-भाड़ से बचना अब भी जरूरी है।

