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दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को किया गिरफ्तार, आज SEM कोर्ट में होगी पेशी

नई दिल्लीः दिल्ली में तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिए गए नेहा बोरा और CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर नया अपडेट सामने आया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोनों को शांति भंग होने की आशंका के चलते एहतियातन हिरासत में लिया गया था। बाद में नेहा बोरा को कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद रिहा कर दिया गया, जबकि अभिजीत दीपके को एक नए मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें आज नई दिल्ली की SEM कोर्ट में पेश किया जाएगा।

नेहा बोरा को कानूनी कार्रवाई के बाद छोड़ा गया
दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 65 के तहत कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रिहा कर दिया गया है। नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने के बाद देशभर में विरोध-प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने उनकी हिरासत को गलत बताते हुए उनकी रिहाई की मांग की थी। यह विरोध करीब 12 घंटे तक चला। लोगों के विरोध और आक्रोश के बीच पुलिस ने नेहा बोरा को छोड़ दिया। नेहा की रिहाई के बाद आईसा ने मीडिया और उन सभी लोगों का धन्यवाद किया, जिन्होंने इस मुश्किल समय में उनका साथ दिया।

अभिजीत दीपके को नए मामले में किया गया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस के अनुसार, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को शांति भंग करने की आशंका के चलते भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत दर्ज नए मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि अभिजीत दीपके को आज दिन में नई दिल्ली की SEM कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद अदालत तय करेगी कि उन्हें जेल भेजा जाएगा या जमानत पर रिहा किया जाएगा। यह मामला कनॉट प्लेस में आयोजित किए जाने वाले तिरंगा मार्च से पहले हुई कार्रवाई से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, मार्च से पहले अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उनके खिलाफ शांति भंग करने की आशंका को लेकर नया मामला दर्ज किया गया।

पहले भी हिरासत में लिए गए थे अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके को इससे पहले 10 अक्टूबर को भी हिरासत में लिया गया था। उस समय भी उनके खिलाफ शांति भंग करने की आशंका को लेकर अलग मामला दर्ज किया गया था।पुलिस के अनुसार, उस मामले में अभिजीत से एक बॉन्ड पर हस्ताक्षर करवाए गए थे। इस बॉन्ड के तहत उन्हें एक साल तक शांति भंग नहीं करने का आश्वासन देना था। अब तिरंगा मार्च से पहले हुई कार्रवाई के बाद उनके खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है। इसी मामले में उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा।

क्या है BNSS की धारा 126 और 170
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 126 और 170 का इस्तेमाल संभावित अशांति या अपराध को रोकने के लिए किया जा सकता है। धारा 126: इस धारा के तहत मजिस्ट्रेट किसी व्यक्ति से शांति बनाए रखने के लिए मुचलका या बॉन्ड भरवा सकते हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संबंधित व्यक्ति शांति भंग न करे। धारा 170: इस धारा के तहत पुलिस को कुछ परिस्थितियों में संभावित अपराध को रोकने के लिए एहतियातन गिरफ्तारी करने का अधिकार है, यदि कानून में निर्धारित शर्तें पूरी होती हैं। इन प्रावधानों का उद्देश्य किसी संभावित घटना को रोकना और शांति व्यवस्था बनाए रखना है। हालांकि, किसी व्यक्ति के मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, यह संबंधित तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

अब अभिजीत दीपके की पेशी पर नजर
नेहा बोरा की रिहाई के बाद अब अभिजीत दीपके के मामले में अदालत की कार्रवाई पर सबकी नजर है। उन्हें नए मामले में गिरफ्तार किया गया है और आज SEM कोर्ट में पेश किया जाना है। अदालत में पेशी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उन्हें जमानत मिलती है या उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाता है। वहीं, आईसा ने साफ कर दिया है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को वापस लेने की मांग को लेकर उसका विरोध जारी रहेगा।

 

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