Last Updated: October 11, 2026

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अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में किया पेश

October 11, 2026

अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में किया पेश

नई दिल्लीः दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन बड़े नेताओं सौरव दास, आशुतोष और अभिजीत दिपके को एहतियातन गिरफ्तार किया है। तीनों नेता मुंबई से विमान के जरिए दिल्ली पहुंचे थे। दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।

शुरुआत में उम्मीद थी कि तीनों नेताओं को शनिवार देर शाम तक रिहा कर दिया जाएगा। हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किए जाने के बाद पुलिस ने उन्हें एहतियातन गिरफ्तार करने का फैसला किया।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस अब तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट थाने में कार्यपालक मजिस्ट्रेट (Special Executive Magistrate) के सामने पेश किया गया है। जहां शांति बनाए रखने के लिए उनसे कानूनी प्रक्रिया के तहत बांड भरवाने की कार्रवाई की जा सकती है।

किन कानूनी धाराओं के तहत हुई कार्रवाई
कॉकरोच जनता पार्टी के तीनों नेताओं के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की दो धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। धारा 126: इस धारा का उद्देश्य किसी व्यक्ति से शांति बनाए रखने की गारंटी लेना है। यदि अधिकारियों को लगता है कि किसी व्यक्ति की गतिविधियों से शांति भंग होने की आशंका है, तो उससे भविष्य में शांति बनाए रखने के लिए बांड भरवाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

धारा 170: इस धारा के तहत पुलिस किसी संभावित संज्ञेय अपराध को रोकने के लिए एहतियातन गिरफ्तारी कर सकती है। इसके लिए पुलिस को यह मानने का आधार होना चाहिए कि व्यक्ति किसी संज्ञेय अपराध को अंजाम देने वाला है और उसे रोकने का दूसरा तरीका पर्याप्त नहीं है। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य किसी संभावित अपराध या शांति भंग होने की स्थिति को रोकना बताया जा रहा है।

24 घंटे से ज्यादा हिरासत में रखने के नियम क्या हैं
कानून के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को सामान्य परिस्थितियों में गिरफ्तारी के कारण और लागू कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। पुलिस किसी व्यक्ति को बिना उचित कानूनी आधार के अनिश्चित समय तक हिरासत में नहीं रख सकती। BNSS की धारा 170 के तहत की गई एहतियातन गिरफ्तारी में विशेष समय-सीमा लागू होती है। इस धारा के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को सामान्य तौर पर 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में नहीं रखा जा सकता, जब तक कि किसी अन्य कानूनी प्रावधान के तहत आगे हिरासत में रखने की अनुमति न हो।

वहीं, कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने पर व्यक्ति से शांति बनाए रखने के लिए बांड भरने को कहा जा सकता है। यदि जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाती है और हिरासत में रखने का कोई अन्य आधार नहीं होता, तो उसे छोड़ा जा सकता है। इस मामले में तीनों नेताओं को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने की जानकारी सामने आई है। आगे की कार्रवाई मजिस्ट्रेट के आदेश और लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।

कॉकरोच जनता पार्टी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली थी
कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति और लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद कई प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया।

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पार्टी के तीनों प्रमुख नेता मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। लेकिन एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद से तीनों नेताओं की गिरफ्तारी और उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने की प्रक्रिया चर्चा में है।

जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई
शनिवार को प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में तैनात किया गया था। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी थी। कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई, ताकि प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक न पहुंच सकें। दिनभर पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमें प्रदर्शनकारियों को रोकने और उन्हें हिरासत में लेने में जुटी रहीं। इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

करीब 3,000 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए, छह पुलिसकर्मी घायल
शनिवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने करीब 3,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इस दौरान दिल्ली पुलिस के छह कर्मियों को चोटें आईं। घायलों में पुलिस की ‘पिंक फोर्स’ की एक महिला सदस्य भी शामिल बताई गई हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए आसपास के अस्पतालों में ले जाया गया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मी किन परिस्थितियों में घायल हुए, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

अब आगे क्या होगा
कॉकरोच जनता पार्टी के तीनों नेताओं को कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने की संभावना है। वहां शांति बनाए रखने के लिए बांड भरवाने सहित जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। हालांकि, तीनों नेताओं की रिहाई कब होगी, यह संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई और मजिस्ट्रेट के आदेश पर निर्भर करेगा। फिलहाल, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और पार्टी की ओर से प्रदर्शन जारी रखने के ऐलान के बीच दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

 

 

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