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Madrasi Camp Delhi : एक्शन में दिल्ली सरकार, जंगपुरा के मद्रासी कैंप में चलाया अतिक्रमण हटाव अभियान

नेशनल डेस्क : दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जंगपुरा इलाके के मद्रासी कैंप में रविवार को भी प्रशासन ने एक बड़ा अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। यह अभियान अदालत के आदेश पर शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य बारापुला नाले के किनारे हो रहे अतिक्रमण को हटाना था। नाला काफी संकरी हो गई थी, जिससे बरसात के समय पानी का बहाव रुक जाता था और पूरे इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती थी। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

370 अवैध निर्माण तोड़े गए

दरअसल, इस अभियान के तहत अब तक 370 अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया है। प्रशासन ने बताया कि इन अतिक्रमणों में से 189 लोगों को पुनर्वास के योग्य माना गया है और उन्हें नरेला में फ्लैट आवंटित कर दिए गए हैं। जबकि 181 लोग पुनर्वास के योग्य नहीं पाए गए, इसलिए उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था नहीं मिल पाई।

जिला मजिस्ट्रेट ने दी सफाई

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट अनिल बांका ने इस पर बयान देते हुए कहा कि, “यह कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के निर्देशों पर की जा रही है। बारापुला नाला अवैध निर्माणों के कारण संकरा हो गया था जिससे इसकी सफाई और जलप्रवाह में समस्या हो रही थी।” उन्होंने आगे बताया कि अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया था कि इन अतिक्रमणों को हटाया जाए ताकि जलभराव की समस्या से निपटा जा सके।

CM ने झुग्गीवासियों को दिया आश्वासन

इस अभियान के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने झुग्गीवासियों को साफ आश्वासन दिया है कि कोई भी झुग्गी बस्ती तोड़ी नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि दिल्ली में झुग्गियाँ हटाई जाएंगी, लेकिन सरकार का उद्देश्य झुग्गीवालों को हटाना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर सुविधाएं देना है।

झुग्गी बस्तियों के लिए 700 करोड़ का बजट

मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि सरकार ने झुग्गी बस्तियों में नालियाँ, शौचालय, स्नानघर और बच्चों के लिए पार्क जैसी सुविधाएं प्रदान करने के लिए 700 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। उनका कहना है कि झुग्गियों के भीतर सीवर लाइन, साफ-सफाई, और सामुदायिक विकास जैसे काम तेजी से चल रहे हैं और आने वाले समय में झुग्गीवासियों को और भी राहत दी जाएगी।

न्यायिक आदेश और जनकल्याण पर फोकस

जंगपुरा में चलाया गया अतिक्रमण विरोधी अभियान न्यायिक आदेशों का पालन करते हुए किया गया है, वहीं दूसरी ओर सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि झुग्गी में रहने वाले गरीब लोगों को नुकसान ना हो। जहां पात्र लोगों को पुनर्वास मिल रहा है, वहीं सरकार सार्वजनिक मंचों पर यह स्पष्ट कर रही है कि उनकी नीयत झुग्गियाँ तोड़ने की नहीं, बल्कि उन्हें सुधारने और रहने लायक बनाने की है।

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