Ravi Shastri : लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट में भारत की हार के बाद पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने इस मैच के दो निर्णायक क्षणों की ओर इशारा किया, जिन्हें उन्होंने इंग्लैंड की जीत की नींव बताया। इस मुकाबले में इंग्लैंड ने 193 रनों का पीछा करते हुए भारत को 170 रनों पर समेटकर 22 रन से रोमांचक जीत हासिल की और पांच मैचों की श्रृंखला में 2-1 की बढ़त बना ली।
ऋषभ पंत का रन आउट… पहला टर्निंग प्वाइंट
शास्त्री के अनुसार, पहली पारी में ऋषभ पंत का रन आउट होना मैच का निर्णायक मोड़ था। उस समय पंत 74 रन बनाकर लय में दिख रहे थे, लेकिन इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स की रणनीति ने बाजी पलट दी। उन्होंने कहा, “बेन स्टोक्स ने जिस तरह लंच के समय पंत को रन आउट किया, वो शानदार रणनीति का उदाहरण था। अगर वह विकेट नहीं गिरता, तो भारत 100 रन और जोड़ सकता था, जिससे मैच की दिशा ही बदल जाती।”
करुण नायर की चूक… दूसरी पारी में निर्णायक गिरावट
दूसरी पारी में करुण नायर का पगबाधा आउट होना भारत के लिए दूसरा बड़ा झटका था। शास्त्री ने इस विकेट को लेकर कहा, “यह स्पष्ट एकाग्रता की कमी थी। नायर ने एक सीधी आती गेंद को छोड़ दिया, जिससे इंग्लैंड को वापसी का मौका मिल गया। वह पल निर्णायक था और यहीं से भारत की पारी लड़खड़ाने लगी।”
शीर्ष क्रम से उम्मीदें थीं ज़्यादा
शास्त्री ने भारतीय बल्लेबाजों की मानसिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत के निचले क्रम सिराज, बुमराह और जडेजा ने दिखाया कि अगर संयम रखा जाए, तो रन बनाए जा सकते हैं। “जब गेंद थोड़ी पुरानी हो गई, तब निचले क्रम ने जिस तरह का डिफेंस दिखाया, वह काबिले-तारीफ था। इससे लगता है कि अगर शीर्ष क्रम थोड़ा धैर्य दिखाता, तो यह मैच भारत की झोली में जा सकता था।”
अंत में 22 रन का अंतर
शास्त्री ने मैच के अंतिम दिन भारत की लड़ाई की सराहना करते हुए कहा, “22 रन से हारना यह दिखाता है कि हम मैच में थे। लेकिन क्रिकेट के बड़े मैचों में छोटे फैसले ही परिणाम तय करते हैं।

