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घटनास्थल से बरामद हुआ DVR और ब्लैक बॉक्स, अब सामने आएगा अहमदाबाद प्लेन क्रैश का सच

नई दिल्ली: अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के एक दिन बाद जांच में बड़ी सफलता मिली है। गुजरात एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने हादसे की जगह से विमान का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) और ब्लैक बॉक्स बरामद किया है। ये दोनों डिवाइस अब यह पता लगाने में मदद करेंगे कि आखिर हादसा कैसे हुआ।

हादसे की जांच में मिलेंगे पक्के सुराग
यह हादसा एअर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान का था, जो अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही पास की रिहायशी इमारत से टकरा गया था। इस भीषण दुर्घटना में 297 लोगों की जान चली गई थी। अब मलबे से मिले DVR और ब्लैक बॉक्स की मदद से यह जाना जा सकेगा कि आखिरी कुछ मिनटों में विमान में क्या हुआ था।

एटीएस अधिकारी ने क्या बताया?
घटनास्थल पर मौजूद एक गुजरात एटीएस अधिकारी ने बताया, “मलबे से हमें DVR डिवाइस मिली है। जल्द ही फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम इसकी जांच करेगी। यह डिवाइस हादसे से ठीक पहले की घटनाओं को समझने में मदद कर सकती है।”

 

क्या होता है DVR और ब्लैक बॉक्स?
DVR और ब्लैक बॉक्स दोनों डाटा रिकॉर्ड करने वाले उपकरण होते हैं, लेकिन दोनों की भूमिका अलग होती है।
DVR (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर): आमतौर पर विमान में लगे सुरक्षा कैमरों का वीडियो रिकॉर्ड करता है। इसमें विजुअल फुटेज होता है यानी हादसे से ठीक पहले विमान के अंदर और बाहर का दृश्य। वीडियो डेटा हार्ड ड्राइव या क्लाउड पर सेव रहता है।
ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर): इसमें होता है फ्लाइट डेटा (जैसे विमान की रफ्तार, ऊंचाई, इंजन की ताकत) और कॉकपिट की बातचीत (पायलटों की आवाज़) यह बहुत मजबूत बनाया जाता है ताकि भयानक हादसे में भी यह सुरक्षित रहे।

इन डिवाइसों के ज़रिए हादसे से पहले पायलट और कंट्रोल टावर के बीच क्या बातचीत हुई। तकनीकी गड़बड़ी थी या कोई और कारण। विमान ने कैसे प्रतिक्रिया दी, इन सभी सवालों के जवाब मिल सकते हैं। अब FSL टीम DVR और ब्लैक बॉक्स के डेटा को डिकोड करेगी। इससे जल्द ही यह सामने आ सकता है कि हादसे की असली वजह क्या थी। मानवीय भूल, तकनीकी खराबी या कोई और कारण।

 

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