नेशनल डेस्क : कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया है। ये मामला हरियाणा में ज़मीन घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) से जुड़ा है। दरअसल, यह मामला साल 2018 से जुड़ा है। गुरुग्राम के तौरू निवासी सुरेंद्र शर्मा ने पुलिस में शिकायत की थी कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ‘स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी’ ने धोखाधड़ी की है।
जमीन खरीद और बिक्री में गड़बड़ी
आपको बता दें कि फरवरी 2008 में, वाड्रा की कंपनी ने गुड़गांव के शिकोहपुर गांव में 3.5 एकड़ ज़मीन खरीदी। यह ज़मीन उन्होंने 7.5 करोड़ रुपये में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से खरीदी थी। बाद में, इस ज़मीन को कमर्शियल लाइसेंस मिलने के बाद, कंपनी ने इसे डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया।
कानूनी धाराएं और आरोप
दरअसल, वाड्रा और उनकी कंपनी पर धोखाधड़ी और जालसाज़ी के आरोप लगे हैं। उनके खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120B (आपराधिक साजिश), 467, 468 और 471 (जालसाजी से जुड़े मामले) के तहत केस दर्ज है। बाद में धारा 423 (गलत इरादे से संपत्ति की बिक्री) भी इसमें जोड़ी गई। इसके साथ ही इस केस में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी आरोपी बनाया गया है।
रॉबर्ट वाड्रा ने क्या कहा?
वहीं इस पूरे मामले पर ईडी की पूछताछ से पहले वाड्रा ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने कहा, “मेरे जन्मदिन के सप्ताह की सेवा कुछ दिनों के लिए रोक दी गई है। मैंने बुजुर्गों को खाना खिलाने और बच्चों को तोहफे देने की योजना बनाई थी, लेकिन फिलहाल ये रुक गई है।” उन्होंने आगे लिखा, “जब तक सरकार मुझे अच्छे काम करने और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अन्याय के खिलाफ बोलने से नहीं रोकती, मैं ये सब करता रहूंगा।” वाड्रा ने संकेत दिया कि शायद वह राजनीति में भी कदम रख सकते हैं। उन्होंने कहा, “मैं सत्य में विश्वास करता हूं और मुझे यकीन है कि अंत में सत्य की ही जीत होगी।”
ED की पूछताछ पहले भी हो चुकी है
इससे पहले मंगलवार को भी रॉबर्ट वाड्रा से कई घंटों तक पूछताछ हुई थी। इस पर वाड्रा ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है और उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। हरियाणा लैंड स्कैम में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी पर गंभीर आरोप लगे हैं। ईडी लगातार इस मामले की जांच कर रही है और कई राजनीतिक चेहरे भी इसकी चपेट में हैं। वहीं वाड्रा इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं और अपने कामों को सही ठहरा रहे हैं।

