हरियाणा डेस्क: जींद जिले की उचाना विधानसभा सीट पर भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री की जीत को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका पर हाई कोर्ट ने सुनवाई का रास्ता साफ कर दिया है। वीरवार को हाई कोर्ट ने देवेंद्र अत्री की वह अर्जी खारिज कर दी जिसमें उन्होंने बृजेंद्र सिंह की चुनाव याचिका को कानूनी तौर पर अनुचित बताते हुए खारिज करने की मांग की थी।
कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने देवेंद्र अत्री के खिलाफ चुनाव याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने चुनावी धांधली का आरोप लगाया था। बृजेंद्र सिंह का कहना है कि बैलेट मतों की गिनती में गड़बड़ी हुई थी, जिसके कारण वह केवल 32 मतों से हार गए थे।
देवेंद्र अत्री की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यपाल जैन ने अदालत को बताया कि चुनाव याचिका का कोई ठोस आधार नहीं है और यह केवल कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। अत्री ने मुख्य चुनाव याचिका को रद्द करने की मांग की थी। उचाना सीट से चुनाव जीते देवेंद्र अत्री को 48,968 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार बृजेंद्र सिंह को 48,936 वोट मिले थे, और इस तरह उनकी हार 32 वोट से हुई थी।
बृजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में कई बैलेट्स को गलत तरीके से खारिज किया गया था, और उन्होंने 215 अस्वीकृत डाक मतों की दोबारा गिनती की मांग की थी। जुलाई में हाई कोर्ट ने बृजेंद्र सिंह को अपनी याचिका में संशोधन करने की अनुमति दी थी, और अब यह याचिका केवल अस्वीकृत डाक मतों की पुनः जांच पर केंद्रित है। हाई कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई जारी रखने का फैसला लिया है, और बृजेंद्र सिंह की याचिका पर आगामी निर्णय का इंतजार है।
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