श्रीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। पीएम मोदी ने कई मंचों से युवाओं से इस राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान देने का आग्रह किया है। जम्मू-कश्मीर में कभी महिलाएं घरों तक सीमित रहती थीं, पर वहां बदलाव की बयार बह रही है।
युवा महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही
आर्टिकल 370 हटने के बाद यहां की युवा महिलाएं घरों से निकलकर आत्मनिर्भर बन रही हैं और विकसित भारत के सपने को पूरा करने में सक्रिय योगदान दे रही हैं। कश्मीर में रोजगार के लिए युवा किसी कंपनी पर निर्भर नहीं हो रहे हैं, बल्कि अपना काम शुरू कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं और दूसरे युवाओं में संदेश दे रहे हैं कि घर से निकलें और अपनी प्रतिभा के अनुसार अपना काम शुरू करें। जम्मू-कश्मीर में युवा महिलाएं प्राकृतिक संसाधनों से ब्यूटी प्रोडक्ट्स, बेकरी सहित अन्य तरह के स्टार्टअप के जरिए अपना नाम कमा रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई
इन महिलाओं ने न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। वे अपने उत्पाद भारत के साथ-साथ विदेशों में भी बेच रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। इनकी सफलता की कहानियां दूसरों के लिए प्रेरणा बन रही हैं और साबित कर रही हैं कि अवसरों व समर्थन से महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। अफीफा और बुशरा जैसी युवा महिला उद्यमियों ने बेकरी और कन्फेक्शनरी के क्षेत्र में कदम रखा है।
खुद पर विश्वास रखें, माता-पिता ने मुझे काफी सपोर्ट किया
अफीफा ने बताया कि हमारे यहां बेकरी से संबंधित कई तरह के आइटम मिलते हैं। बर्थडे से लेकर शादी के लिए केक उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि अपना कुछ स्टार्टअप डेवलप करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि मार्केट में प्रतियोगिता है। उन्हें खुद पर विश्वास रखना चाहिए। मेरे माता-पिता ने मुझे काफी सपोर्ट किया है। अगर बच्चे कुछ करना चाहते हैं तो अभिभावकों को भी सपोर्ट करना चाहिए।
दूसरी उद्यमी बुशरा ने कहा कि युवाओं को अपने कंफर्ट जोन से बाहर आना चाहिए। घरों से बाहर आएं, अपने टैलेंट को सामने लाएं। बहुत सारे उद्यमी हैं जिन्होंने सोशल मीडिया से बिजनेस शुरू किया और अब अच्छा काम कर रहे हैं।

