Dainik Savera Times

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आंध्र प्रदेश में प्रत्येक गरीब परिवार को पक्के मकान दिए जाएंगे: शिवराज सिंह

गुंटूर (आंध्र प्रदेश)/ नई दिल्ली: केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज आंध्र प्रदेश के गुंटूर में ‘वॉटरशेड महोत्सव’ का शुभारंभ किया। यह आयोजन ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग और आंध्र प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय वॉटरशेड सम्मेलन के दूसरे दिन लोयाला पब्लिक स्कूल ग्राउंड, नल्लापाडु में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, नीति-निर्माता, अनुसंधान संगठन और गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशन में केंद्र सरकार द्वारा ‘वॉटरशेड महोत्सव’ के माध्यम से देशभर में जल-संरक्षण पर जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करने की राष्ट्रीय पहल शुरू की गई है। इस अवसर पर मंत्रालय ने “मिशन वॉटरशेड पुनरुद्धार” की भी घोषणा की, जिसके अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 1.0) के अंतर्गत निर्मित मृदा और जल संरक्षण संरचनाओं के रखरखाव व मरम्मत के लिए मनरेगा फंड का उपयोग किया जाएगा।

जल संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की

यहां केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में “जल है तो जीवन है, मिट्टी है तो कल है” के मंत्र के साथ सरकार जल और मृदा संरक्षण को एक राष्ट्रीय जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के वेंगयापलेम गाँव में विकसित वॉटरशेड मॉडल को देशभर में लागू किया जाएगा ताकि परकुलेशन टैंक, चेक डैम, और वर्षा जल संचयन संरचनाओं से जल स्तर में सुधार हो और ग्रामीण आजीविका मजबूत बने। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की और कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर “हेल्दी, वेल्दी और हैप्पी आंध्रा” के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के किसानों को किसी भी परिस्थिति में सहायता और समर्थन देने में केंद्र सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। चौहान ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी प्रधानमंत्री जी की “लखपति दीदी” योजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक 2 करोड़ महिलाएं इस योजना के अंतर्गत लखपति दीदी बन चुकी हैं और जल्द 3 करोड़ का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। शिवराज सिंह ने यह भी घोषणा की कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आंध्र प्रदेश में प्रत्येक गरीब परिवार का सर्वे कर सभी को पक्के मकान दिए जाएंगे। चौहान ने कहा कि आंध्र प्रदेश में कोई भी गरीब अब कच्चे घर में नहीं रहेगा। मोदी जी और चंद्रबाबू नायडू जी के नेतृत्व में हर गरीब के घर को पक्का बनाया जाएगा।

हमारा लक्ष्य किसान की खेती को फायदे का धंधा बनाना

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है किसान की खेती को फायदे का धंधा बनाना। चंद्रबाबू नायडू जी के नेतृत्व में आंध्रप्रदेश की सरकार ने भी इसके लिए अभियान चलाया हुआ है। हमारा काम है किसानों का उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना, उत्पादन के ठीक दाम देना, नुकसान हो जाए तो भरपाई करना और इंटीग्रेटेड फार्मिंग, मतलब खेती में केवल एक फसल नहीं साल में हम 3 फसल लेने की कोशिश करेंगे ताकि किसान जिसके पास छोटी-छोटी जमीन है हम उसकी जिंदगी को बेहतर बना पाएं उसकी आमदनी बढ़ा पाएं।

शिवराज सिंह ने कहा कि अभी जो जमीन खाली रहती है, उनमें फसल कैसे लें उसके लिए पानी की व्यवस्था के लिए आंध्रप्रदेश की सरकार लगातार प्रयत्न कर रही है, उस कोशिश में केंद्र सरकार नायडू जी के साथ खड़ी है और उसके साथ-साथ इंटीग्रेटेड फार्मिंग मतलब केवल खेती नहीं अनाज की खेती नहीं, फलों की खेती, फूलों की खेती, सब्जियों की खेती, औषधि खेती उसके साथ-साथ पशुपालन, मछली पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, कृषि वानिकी और यहां का प्रोन पूरी दुनिया में जाता था अभी थोड़ी सी दिक्कत आई है यूएसए के कारण लेकिन चिंता मत करना आंध्र के किसान भाइयों, हम दुनिया के बाकी देशों से बातचीत कर रहे हैं।

आपको किसी भी कीमत पर घाटा नहीं होने देंगे दुनिया के बाकी बाजारों को भी हम ढूंढने का काम कर रहे हैं ताकि हमारा किसान खेती के साथ बाकी चीजें करके और लाभ कमाएं और मुनाफा हो, आमदनी बढ़े और आर्थिक रूप से सशक्त हो। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने दिल्ली की घटना में अपने प्राण गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। ‘वॉटरशेड महोत्सव’ के अंतर्गत आने वाले दिनों में देशभर में “वॉटरशेड जनभागीदारी कप 2025”, वृक्षारोपण, श्रमदान, और परिसंपत्तियों के जीर्णोद्धार जैसे अभियान चलाए जाएंगे, जिनमें ग्रामीण समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

Exit mobile version