हरियाणा डेस्क: हरियाणा के झज्जर जिले में साइबर क्राइम पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है, जो विदेशी नागरिकों से तकनीकी सहायता देने के नाम पर ठगी कर रहा था। पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि बहादुरगढ़ स्थित ओमेक्स शुभांगन टावर नंबर 17 के सातवें फ्लोर पर फ्लैट नंबर 701 में कुछ लोग बिना अनुमति के कॉल सेंटर चला रहे हैं। ये लोग अमेरिकी नागरिकों से साइबर फ्रॉड कर रहे थे।
इस सूचना के बाद साइबर क्राइम थाना झज्जर की टीम ने छापेमारी की। जब टीम फ्लैट तक पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था, लेकिन एक आरोपी ने दरवाजा खोला। पुलिस ने अंदर जाकर देखा कि आरोपी एयरफोन लगाकर और शार्क पीबीएक्स डीलर के जरिए अंग्रेजी में विदेशी नागरिकों से बात कर रहे थे और उन्हें ठग रहे थे। टीम ने फ्लैट के अन्य कमरों में भी तलाशी ली और पाया कि कई आरोपी लैपटॉप के जरिए विदेशी नागरिकों के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे।
कुल 18 आरोपी हुए गिरफ्तार
आरोपियों की पहचान की गई है, जिनमें दिल्ली, उत्तरप्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान, और हरियाणा के निवासी शामिल हैं। कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके नाम में शामिल हैं, मयंक उर्फ एरिक (दिल्ली), सन्नी (दिल्ली) और अन्य विभिन्न आरोपी जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, और राजस्थान से संबंधित हैं।
पुलिस आयुक्त की अपील
पुलिस आयुक्त डॉ. राजश्री सिंह ने आम जनता से अपील की है कि साइबर ठगी से बचने के लिए आपको हमेशा किसी भी कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से ही ग्राहक सेवा नंबर प्राप्त करना चाहिए। जालसाज अक्सर गूगल पर नकली नंबर डालते हैं, जिससे लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। अगर किसी के साथ साइबर फ्रॉड हो जाए, तो वह नजदीकी पुलिस थाना या साइबर क्राइम थाना में जाकर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in)(http://www.cybercrime.gov.in) पर भी शिकायत की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि इसके अलावा राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

