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‘अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है, कृपया वापस आएं’, फारूक अब्दुल्ला ने पर्यटकों से जम्मू-कश्मीर लौटने की अपील

नेशनल डेस्क: नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों से वापस लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र युद्ध नहीं, बल्कि शांति चाहता है। खासकर पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों के बाद, जो क्षेत्र की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं, अब्दुल्ला ने यह अपील की।

पर्यटकों से लौटने की अपील
फारूक अब्दुल्ला ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री ने दुनिया के विभिन्न देशों में प्रतिनिधिमंडल भेजे हैं, जो यह संदेश दे रहे हैं कि हम शांति चाहते हैं और युद्ध के खिलाफ हैं। निर्दोष लोगों की हत्याएं बंद होनी चाहिए।” उन्होंने अमरनाथ यात्रा के संदर्भ में पहलगाम में पर्यटन पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव का जिक्र करते हुए दुख जताया और पर्यटकों से वापस जम्मू-कश्मीर लौटने की अपील की।

अब्दुल्ला ने कहा, “हमने इस साल बहुत उम्मीदें लगाई थीं कि अमरनाथ यात्रा में करोड़ों लोग आएंगे, लेकिन हम उन्हें ठहराने के लिए जगह नहीं पा रहे। इन आतंकवादी हमलों से होटल मालिकों, टैक्सी चालकों और टट्टू मालिकों की आजीविका पर बुरा असर पड़ा है।” उन्होंने कहा कि कश्मीर की खूबसूरती और यहां की जीवन-यापन के साधनों को खतरा नहीं होना चाहिए। उन्होंने फिर कहा, “हम आपका इंतजार कर रहे हैं… ‘भोलानाथ’ भी आपका इंतजार कर रहे हैं क्योंकि अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है। कृपया वापस आएं।”

पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि पर बयान
फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि (IWT) पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हम पानी रोकेंगे। हम हमेशा कहते रहे हैं कि यह संधि हमारे लिए फायदेमंद नहीं है। जम्मू में पानी की भारी कमी है।”

भारत का आतंकवाद के खिलाफ मजबूत रुख
इस बीच, जेडी(यू) के सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर की विदेश और गृह राज्य मंत्री सिम एन से मुलाकात की। बैठक में, संजय झा ने भारत के आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ रुख को दोहराते हुए कहा कि देश किसी भी आतंकी हमले का कड़ा जवाब देगा और परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा। झा ने कहा, “भारत सक्रिय आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले करने के लिए तैयार है। हम इस आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन की भी मांग करते हैं।” प्रतिनिधिमंडल में अपराजिता सारंगी (भा.ज.पा.), अभिषेक बनर्जी (टीएमसी), बृज लाल (भा.ज.पा.), जॉन ब्रिटास (सीपीआई-एम), प्रदान बरुआ (भा.ज.पा.), हेमंग जोशी (भा.ज.पा.), सलमान खुर्शीद (कांग्रेस) और मोहान कुमार (पूर्व भारतीय राजदूत, फ्रांस) शामिल थे।

आतंकवाद के खिलाफ भारत की कूटनीति
भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। इस ऑपरेशन के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी शून्य सहिष्णुता नीति को और मजबूत किया है। इस अभियान के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए 100 से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया।

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