नेशनल डेस्क : हाल के दिनों में हवाई यात्रा में सख्त सतर्कता बरती जा रही है, खासकर अहमदाबाद प्लेन हादसे के बाद से। इसके चलते कई फ्लाइट्स को तकनीकी या सुरक्षा कारणों से उड़ान के दौरान ही वापस लाना पड़ा है। ऐसा ही एक वाकया चेन्नई एयरपोर्ट पर सामने आया, जहाँ लंदन के लिए रवाना हुआ एक विमान रविवार को उड़ान के थोड़ी देर बाद ही वापस लौट आया। चेन्नई हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला “परिचालन संबंधी कारणों” के चलते लिया गया। इस विमान में करीब 209 यात्री सवार थे, जिनके लिए अब वैकल्पिक उड़ानों या ठहराव की व्यवस्था की जा रही है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
इंडिगो की फ्लाइट में भी आई थी दिक्कत
आपको बता दें कि इससे पहले गुरुवार रात, एक और गंभीर मामला सामने आया था जब गुवाहाटी से चेन्नई आ रही इंडिगो की फ्लाइट (6E-6764, A321) को बेंगलुरू एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। कारण था – कैप्टन द्वारा अपर्याप्त ईंधन की स्थिति को देखते हुए दिया गया ‘MAYDAY’ (आपातकालीन चेतावनी) सिग्नल। इस फ्लाइट में 168 यात्री सवार थे।
‘गो-अराउंड‘ के बाद MAYDAY कॉल
सूत्रों के अनुसार, फ्लाइट ने शनिवार शाम 4:40 बजे गुवाहाटी से उड़ान भरी थी और शाम 7:45 बजे चेन्नई में लैंड करने की कोशिश की। जब लैंडिंग गियर रनवे को छूने ही वाला था, तभी पायलट ने ‘गो-अराउंड’ करने का फैसला किया, यानी लैंडिंग को बीच में रोककर दुबारा उड़ान भर ली। इसके बाद जब विमान बेंगलुरु एयरपोर्ट से करीब 35 मील दूर था, तब पायलट ने गंभीर स्थिति को भांपते हुए ‘MAYDAY’ सिग्नल जारी किया।
यात्रियों के लिए डरावना अनुभव
विमान में मौजूद एक यात्री ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि अचानक हुई तेज चढ़ाई ने लोगों को डरा दिया, कई यात्री अपनी सीटों के किनारे तक खिसक आए। स्थिति कुछ पल के लिए बहुत तनावपूर्ण हो गई थी। हालांकि, पायलट की सतर्कता और अनुभव से विमान को सुरक्षित उतार लिया गया, और सभी यात्री सकुशल बाहर निकाले गए।
सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ी
इन घटनाओं के बाद से एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रशासन ने हवाई यात्रा में सुरक्षा के स्तर को और सख्त कर दिया है। विमान में किसी भी तरह की तकनीकी दिक्कत या संदेह होने पर, उड़ानों को बीच में ही रद्द करके सुरक्षित स्थान पर लाया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए फ्लाइट्स की जांच और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
हाल के दिनों में हुए ये घटनाक्रम दर्शाते हैं कि हवाई सफर जितना तेज और आरामदायक होता है, उतना ही सुरक्षा को लेकर संवेदनशील भी। अधिकारियों की सतर्कता और पायलट्स की त्वरित सूझबूझ से बड़ी दुर्घटनाएं टल गईं, लेकिन यात्रियों के लिए यह अनुभव निश्चित तौर पर डरावना रहा। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और किस हद तक कड़ा किया जाता है।