
इंटरनेशनल डेस्क: भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर इन दिनों चीन दौर पर हैं। जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के फॉरेन मिनिस्टर्स की बैठक में भाग लेने के लिए विदेश गए हैं। इस दौरान सोमवार को उनकी मुलाकात चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से हुई है। बीजिंग में मुलाकात के दौरान एस जयशंकर ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली की भारत में जमकर सराहना हुई है। इसके अलावा जयशंकर ने एससीओ की अध्यक्षता के लिए चीन का समर्थन भी किया। बता दें कि 6 साल बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा आरंभ हुई है। 1981 के बाद चीन ने इस यात्रा को मंजूरी प्रदान की थी।
आपको बता दें कि कोरोना महामारी, गलवान घाटी में भारत-चीन सेना की भिड़ंत और LAC पर लगातार तनाव बढ़ने की वजह से यात्रा रुक गई थी। इस साल यात्रा फिर से शुरू हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत और चीन के संबंध लगातार पटरी पर आ रहे हैं। जून और अगस्त के बीच यात्रा जारी रहेगी। इस दौरान लगभग 750 तीर्थयात्री तिब्बत में कैलाश मानसरोवर की यात्रा करेंगे। इस यात्रा को काफी अहम माना जाता है, जिसे हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म के लोग करते हैं।
Pleased to meet Vice President Han Zheng soon after my arrival in Beijing today.
Conveyed India’s support for China’s SCO Presidency.
Noted the improvement in our bilateral ties. And expressed confidence that discussions during my visit will maintain that positive trajectory. pic.twitter.com/F8hXRHVyOE
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) July 14, 2025
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन ने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई है। कैलाश मानसरोवर यात्रा को बहाल करना एक अच्छा कदम है। दोनों देशों के संबंधों में सुधार होना लाभकारी साबित होगा। आज विश्व के कई देशों के बीच हालात जटिल हैं, पड़ोसी देश होने के नाते और बड़ी अर्थव्यवस्थाएं होने के नाते दोनों देशों के संबंध काफी महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
जयशंकर ने कहा कि कजान में पिछले साल अक्टूबर में पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई थी। इसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में सुधार आ रहा है। भारत एससीओ में चीन की सफल अध्यक्षता का फेवर करता है। उनको विश्वास है कि चीनी उपराष्ट्रपति से भेंट के दौरान हुईं चर्चाएं सकारात्मक ढंग से आगे बढ़ेंगी।
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