नेशनल डेस्क : जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री, RCP सिंह ने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। उन्होंने प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज में शामिल होने का फैसला किया है। इससे पहले, लगभग सात महीने पहले, RCP सिंह ने अपनी पार्टी ‘आप सबकी आवाज’ (ASA) की शुरुआत की थी, लेकिन अब उन्होंने अपनी पार्टी का जन सुराज में विलय कर दिया। यह फैसला उनके राजनीतिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसने उनके जेडीयू और भाजपा के साथ संबंधों में एक नया मोड़ ला दिया है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
राजनीतिक यात्रा और RCP सिंह का करियर
आपको बता दें कि RCP सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के एक वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं। वे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव के तौर पर लंबे समय तक काम कर चुके हैं। हालांकि, बाद में नीतीश कुमार से मतभेद होने के कारण उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा, लेकिन भाजपा द्वारा उन्हें दरकिनार किए जाने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाने का ऐलान किया था। इस फैसले के बाद वे अब जन सुराज में शामिल हो गए हैं, जो प्रशांत किशोर द्वारा शुरू की गई पार्टी है।
RCP सिंह का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
रामचंद्र प्रसाद सिंह, जो RCP सिंह के नाम से प्रसिद्ध हैं, का जन्म 6 जुलाई 1958 को बिहार के नालंदा जिले के मुस्तफापुर गांव में हुआ था। वे अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की कुर्मी जाति से आते हैं। RCP सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव से पूरी की, फिर पटना साइंस कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास की और 1979 में पटना कॉलेज से इतिहास में स्नातक (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने 1982 में नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मास्टर डिग्री हासिल की।
IAS अधिकारी के रूप में करियर
आरसीपी सिंह ने 1984 बैच में उत्तर प्रदेश कैडर से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की परीक्षा पास की। उन्होंने अपनी सरकारी सेवा की शुरुआत भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में की थी, लेकिन बाद में वे आईएएस में चयनित हुए। उनकी पहली पोस्टिंग सुल्तानपुर में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्होंने कई जिलों में कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट के रूप में भी कार्य किया।
नीतीश कुमार के साथ करियर
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान, RCP सिंह नीतीश कुमार के निजी सचिव रहे, जब नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्री थे और रेलवे और कृषि मंत्रालय का कार्य देख रहे थे। इसके बाद, 2005 में बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद, आरसीपी सिंह को बिहार वापस लाया गया। वहां उन्होंने गृह विभाग और कैबिनेट सचिवालय में प्रधान सचिव के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उनकी प्रशासनिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, जिसमें उन्होंने राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों का संचालन किया।
RCP सिंह का जन सुराज में शामिल होना उनके राजनीतिक सफर का एक नया अध्याय है। पहले जेडीयू और फिर भाजपा में रहकर उन्होंने राजनीति में अपनी पहचान बनाई, लेकिन अब प्रशांत किशोर के साथ नए राजनीतिक कदम को उठाने के बाद, यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका राजनीतिक भविष्य किस दिशा में आगे बढ़ता है। उनके अनुभव और प्रशासनिक कार्यकाल ने उन्हें एक मजबूत राजनीतिक हस्ती के रूप में स्थापित किया है, और अब जन सुराज के साथ उनकी राजनीतिक यात्रा नए मुकाम की ओर बढ़ सकती है।

