नई दिल्ली: अगर आप या कोई और चेक बाउंस करता है, तो अब उससे बचना आसान नहीं होगा। भारत सरकार ने चेक बाउंस के मामलों को रोकने और लेनदेन में भरोसा बढ़ाने के लिए 1 अप्रैल 2025 से नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 में कई अहम बदलाव किए हैं। ये नए नियम चेक बाउंस करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की अनुमति देते हैं।
जानिए नए नियम क्या हैं:
1. जानबूझकर चेक बाउंस किया तो होगी जेल
अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर ऐसा करता है, तो अब उसे 2 साल तक की जेल, चेक की रकम का दोगुना जुर्माना या दोनों सजा मिल सकती हैं। पहले नियम इतने सख्त नहीं थे।
2. शिकायत दर्ज कराने के लिए अब ज्यादा समय
पहले चेक बाउंस की शिकायत दर्ज कराने के लिए सिर्फ 1 महीने का समय था। अब यह समय 3 महीने कर दिया गया है, जिससे पीड़ित को कानूनी मदद लेने का पर्याप्त वक्त मिलेगा।
3. अब ऑनलाइन शिकायत की सुविधा
अब पीड़ित व्यक्ति चेक बाउंस की शिकायत डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी कर सकता है। इसके साथ ही ईमेल, बैंक स्टेटमेंट जैसे डिजिटल सबूत को कोर्ट में मान्यता दी जाएगी।
4. बैंक 24 घंटे में देगा जानकारी
अगर चेक बाउंस होता है, तो 24 घंटे के भीतर बैंक चेक देने वाले और पाने वाले दोनों को SMS और ईमेल के जरिए इसकी जानकारी देगा। इसके साथ ही चेक बाउंस का कारण भी साफ-साफ बताया जाएगा।
5. सभी बैंकों पर एक जैसे नियम
अब चाहे आपका खाता किसी भी बैंक में हो, हर बैंक पर ये नियम एक समान रूप से लागू होंगे। इससे शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता और समानता बनी रहेगी।
6. तीन बार चेक बाउंस किया तो खाता हो सकता है फ्रीज
अगर कोई खाता लगातार तीन बार चेक बाउंस करता है, तो बैंक उस खाते को अस्थायी रूप से बंद (फ्रीज) कर सकता है। इसका मकसद लेनदेन में अनुशासन बनाए रखना है। बताते चलें कि, इन नए नियमों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि लेनदेन में लोग जिम्मेदारी से काम लें और चेक बाउंस जैसी घटनाओं में कमी आए। अब किसी को चेक देकर पैसा रोकना या टालना आसान नहीं होगा।

