नई दिल्ली: भारत के शतरंज खिलाड़ी डी. गुकेश ने नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराकर एक बड़ी जीत हासिल की। इस जीत से गुकेश बहुत खुश थे, जबकि कार्लसन गुस्से में आ गए। भारत से हार के बाद कार्लसन अपना आपा खो बैठे और उन्होंने गुस्से में आकर मेज पर जोर से हाथ मारा, जिससे चेस बोर्ड हिल गया।
इसके बाद, कार्लसन ने अपनी भड़ास निकालते हुए अपनी कुर्सी से उठकर चेस बोर्ड के पास जाकर गुकेश से माफी मांगी। वे मुहरे फिर से सजा रहे थे, लेकिन गुस्से में फिर से उन्हें गिरा दिया। जबकि गुकेश ने अपनी जीत पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी और चुपचाप जश्न मनाया। उन्हें यकीन नहीं हुआ कि उनकी मेहनत आखिरकार रंग लाई और वे जीतने में सफल रहे। मैच के बाद, कार्लसन ने गुकेश की पीठ थपथपाई और फिर तेजी से हॉल से बाहर निकल गए।
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— लोकनायक समाज सेवा संघ® (@loknayak1) June 2, 2025
गुकेश ने कार्लसन को पहली बार हराया
इस जीत से गुकेश ने कार्लसन को शतरंज के क्लासिकल रूप में पहली बार हराया। सफेद मोहरे के साथ खेल रहे कार्लसन ने शुरुआत में मैच पर दबाव बनाया, लेकिन गुकेश ने शांत रहते हुए सही मौके पर आक्रमण किया। समय की कमी के कारण कार्लसन से कुछ गलतियां हुईं, जिसका फायदा गुकेश ने उठाया और मैच जीत लिया।
मुझे कार्लसन की गलतियों का लाभ उठाना था: गुकेश
मैच के बाद गुकेश ने कहा, “मैं ज्यादा कुछ नहीं कर सकता था, बस मुझे कार्लसन की गलतियों का लाभ उठाना था। मैंने सही कदम उठाए, जो कार्लसन के लिए मुश्किल साबित हुए। इस टूर्नामेंट से मैंने यह सीखा कि समय पर चाल चलने का दबाव गलतियां करवा सकता है।” यह मुकाबला नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट के पहले दौर का था, जिसमें पहले कार्लसन ने गुकेश को हराया था, लेकिन इस बार गुकेश ने अपनी हार का बदला लिया। नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट एक प्रमुख टूर्नामेंट है, जो शतरंज के कैलेंडर में शामिल है। इसमें छह खिलाड़ी डबल राउंड-रॉबिन प्रारूप में खेलते हैं। यह टूर्नामेंट 26 मई से 6 जून तक स्टावेंजर में चल रहा है।

