नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन और उनका बलिदान पूरे देश के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि हमारे गुरु परंपरा ने भारत की संस्कृति और सोच को मजबूत नींव दी है। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर कुरुक्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गुरु जी ने हमेशा सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा को ही अपना कर्तव्य माना।
अयोध्या और कुरुक्षेत्र की यात्रा का जिक्र
पीएम मोदी ने बताया कि उसी दिन सुबह वे अयोध्या में थे और शाम को कुरुक्षेत्र पहुंचे। उन्होंने कहा, “आज भारत की विरासत का अद्भुत मेल है, सुबह रामायण की नगरी अयोध्या में था और अब गीता की भूमि कुरुक्षेत्र में गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धांजलि दे रहा हूं।”
उन्होंने 2019 का एक संयोग भी याद किया जब राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था। उन्होंने कहा कि उस दिन वे करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए डेरा बाबा नानक में थे और उसी दिन राम मंदिर के पक्ष में फैसला भी आया।
#WATCH | Kurukshetra, Haryana | Speaking at the 350th Shaheedi Diwas of Sri Guru Tegh Bahadur Ji, Prime Minister Narendra Modi says, “… The cruel Aurangzeb ordered Guru Tegh Bahadur’s imprisonment. However, Guru Tegh Bahadur himself announced his intention to go to Delhi.… https://t.co/032Rctwwzu pic.twitter.com/yQTcUVBzo6
— ANI (@ANI) November 25, 2025
गुरु तेग बहादुर जी के साहस की सराहना
प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास में गुरु तेग बहादुर जैसे साहसी लोग बहुत कम मिलते हैं। उन्होंने कहा कि मुगल शासन के कठिन समय में जब कश्मीरी हिंदुओं पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव था, तब वे गुरु साहिब के पास सहायता मांगने आए। गुरु तेग बहादुर जी ने कहा कि औरंगज़ेब को बताओ यदि गुरु तेग बहादुर इस्लाम स्वीकार कर लेते हैं, तो बाकी सभी भी इस्लाम अपना लेंगे। इस साहसिक संदेश ने लोगों को अत्याचार के खिलाफ खड़ा होने की शक्ति दी।
डाक टिकट और एक स्मारक सिक्का जारी किया
पीएम मोदी ने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी की याद में एक विशेष डाक टिकट और एक स्मारक सिक्का भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भी गुरु परंपरा को सम्मान देती रहेगी।
कुरुक्षेत्र का सिख परंपरा से संबंध
प्रधानमंत्री ने बताया कि कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि का सिख परंपरा से गहरा संबंध है। लगभग सभी सिख गुरु यहां आए थे। नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी ने भी यहां तपस्या की थी और अपने साहस की छाप छोड़ी थी।
अन्य कार्यक्रम
पीएम मोदी ने कुरुक्षेत्र में भगवान कृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में बने ‘पांचजन्य’ स्मारक का उद्घाटन किया। इसके बाद वे ‘महाभारत अनुभव केंद्र’ भी गए, जहाँ महाभारत की प्रमुख घटनाओं को आधुनिक तरीके से दिखाया गया है।

