
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। खरगे ने आरोप लगाया कि देश में आम लोगों के वोट देने का अधिकार खतरे में है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी की।
दरअसल, INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक सांकेतिक जन-महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम को मॉक संसद यानी प्रतीकात्मक संसद का रूप दिया गया। इसमें विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया।
इस मॉक संसद की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार ने की। उन्होंने कहा कि यह सभा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग की कार्यवाही के लिए बुलाई गई है। मीरा कुमार ने आरोप लगाया कि देश के करोड़ों लोगों के नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। इस मामले में सवाल उठाने के बावजूद कोई जवाबदेही तय नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन ने यह प्रतीकात्मक सभा आयोजित करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इस सभा में मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को प्रस्ताव पेश करने और अपना पक्ष रखने के लिए आमंत्रित किया।
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने संबोधन की शुरुआत सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की 151वीं जयंती और इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर वह दोनों महान नेताओं को याद कर रहे हैं।इसके बाद खरगे ने कहा कि लोकतंत्र में वोट देने का अधिकार आम नागरिक की सबसे बड़ी ताकत है। इसी अधिकार के जरिए जनता अपनी सरकार चुनती है और जरूरत पड़ने पर उसे सत्ता से बाहर भी कर सकती है। उन्होंने कहा कि आज इसी अधिकार को बचाने के लिए विपक्ष संघर्ष कर रहा है।
खरगे ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत देश के नागरिकों को मतदान का अधिकार दिया गया है। लेकिन आज यह अधिकार गंभीर खतरे का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, सरदार पटेल और मौलाना आजाद जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को आजादी दिलाने के साथ लोकतंत्र की मजबूत नींव रखने के लिए भी संघर्ष किया था।
खरगे ने बाबा साहेब अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि वोट का अधिकार आम जनता की सबसे बड़ी ताकत है। इसी के जरिए जनता सरकार बनाती है और उसे हटाती भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देशों पर चुनाव आयोग चला रहे हैं।
खरगे ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना बेहद जरूरी है। इस कार्यक्रम के जरिए INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग उठाई। हालांकि, यह जन-महाभियोग एक प्रतीकात्मक राजनीतिक कार्यक्रम था, न कि संसद में चलने वाली औपचारिक महाभियोग प्रक्रिया।