हिमाचल डेस्क. हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने गुरुवार को प्रदेश की ‘जेन जेड’ पीढ़ी के बारे में बात करते नजर आए। उन्होंने कहा कि हिमाचल की युवा पीढ़ी दूसरों देशों की ‘जेन जेड’ से अलग है क्योंकि यहां के युवा परंपराओं से जुड़े हुए हैं और विरासत के संरक्षक हैं। जेन जेड यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी। हिमाचल की ये पीढ़ी दूसरे देशों से इसलिए अलग है कि यह भगवान रघुनाथ जी के रथ को खींचती है, जिससे हमारी संस्कृति आगे बढ़ती है।
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बता दें बीते दिन शिव प्रताप शुक्ला ने कुल्लू शहर के रथ मैदान में सप्ताह भर चलने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने भगवान रघुनाथ की पारंपरिक रथ यात्रा में भाग लिया। कुल्लू दशहरा बाकी भारत के दशहरा से अलग तरीके से मनाया जाता है। यहां दशहरा तब शुरू होता है, जब देश के अन्य हिस्सों में दशहरा खत्म हो जाता है।
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इस दौरान आसपास के गांवों से 300 से ज्यादा देवी-देवताओं की भव्य शोभायात्रा और समागम होता है। इसका आरंभ कुल्लू घाटी के आराध्य देवता भगवान रघुनाथ के आगमन से होता है।
राज्यपाल ने हिमाचल को नशामुक्त राज्य बनाने के लिए सभी देवी-देवताओं से आशीर्वाद की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल में नशे के लिए कोई जगह नहीं है। हमें मिलकर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण बनाना होगा।

