Himachal Pradesh accident : हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलधार बारिश और भूस्खलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर पहाड़ी इलाकों में सफर करना जानलेवा बनता जा रहा है। ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा वीरवार शाम को कुल्लू जिले की आनी तहसील के बखनाओं पंचायत क्षेत्र में हुआ, जहां पुन्न खड्ड के पास मां-बेटे की पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आकर मौत हो गई।
स्कूल से लौटते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय रवीना भारती, निवासी काथला गांव, अपने 14 वर्षीय बेटे सुजल भारती को स्कूल से लेकर घर लौट रही थीं। सुजल सरस्वती विद्या मंदिर चवाई में कक्षा आठवीं का छात्र था। मां-बेटे गाड़ी से पुन्न खड्ड तक पहुंचे थे और वहां से अपने गांव की ओर आधा घंटा पैदल चढ़ाई शुरू करने ही वाले थे कि यह दर्दनाक हादसा हो गया।
जैसे ही दोनों सड़क से उतरकर करीब 50 कदम आगे बढ़े, अचानक ऊपर से भारी पत्थरों की बारिश शुरू हो गई। क्षेत्र में हल्की बारिश हो रही थी और दोनों ने छाता ले रखा था, जिससे उन्हें ऊपर से गिरते पत्थरों का अंदाजा नहीं लग पाया।
मौके पर ही हुई मौत
गिरे पत्थरों की चपेट में आकर रवीना की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटा सुजल गंभीर रूप से घायल हुआ और कुछ देर बाद उसने भी दम तोड़ दिया। दोनों को सिर में गहरी चोटें आई थीं। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राकृतिक आपदा बन रही जानलेवा
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में मानसून के चलते भूस्खलन और सड़क हादसों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम में पैदल और वाहन से यात्रा न करने की अपील की है, विशेषकर उन इलाकों में जो भूस्खलन संभावित क्षेत्र माने जाते हैं।
गांव में पसरा मातम
मां-बेटे की एक साथ मौत की खबर सुनकर काथला गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को ऐसे संवेदनशील इलाकों में रक्षा उपायों और चेतावनी संकेतों की व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

