Storm in Himachal Pradesh : हिमाचल प्रदेश के छह जिलों में शुक्रवार सुबह तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई और तूफान ने पहाड़ी राज्य में सामान्य जनजीवन को आंशिक रूप से बाधित कर दिया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह बारिश राजस्थान, गुजरात, पंजाब और जम्मू-कश्मीर पर बने मजबूत चक्रवाती परिसंचरण से प्रभावित प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है। शिमला, सोलन, बिलासपुर, ऊना, सिरमौर और हमीरपुर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
छह जिलों में आंधी, भारी बारिश
राज्य में आज सुबह 6 बजे से 9 बजे तक भारी बारिश हुई, हवा की गति 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे रही, साथ ही कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। शिमला के कई इलाकों में नालियां जाम देखी गईं और बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। आसमान में अंधेरा छा गया और लोग घरों के अंदर रहने को मजबूर हो गए। बारिश के कारण डेढ़ घंटे से अधिक समय तक सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। खराब मौसम के कारण कई इलाकों में विमान परिचालन, सड़क यातायात और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
आईएमडी ने तीन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया
आईएमडी ने राज्य के अधिकांश हिस्सों के लिए येलो अलर्ट और तीन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में लगातार गरज के साथ बारिश, भारी बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के अनुसार, मानसून तय समय से दस दिन पहले हिमाचल प्रदेश पहुंच सकता है। विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “दक्षिण-पश्चिम मानसून के 15 से 17 जून के बीच हिमाचल प्रदेश पहुंचने की उम्मीद है, जो तय समय से करीब 10 दिन पहले है। ऐसा मजबूत चक्रवाती गतिविधि और नमी वाली हवाओं के कारण हो सकता है, जो पहले से ही दक्षिणी प्रायद्वीप से मानसून को धकेल रहे हैं।”
कुल्लू समेत कई जिलों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी
मौसम कार्यालय ने भविष्यवाणी की है कि अगले 48 घंटों में मंडी और कुल्लू समेत कई जिलों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। कांगड़ा, चंबा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे अन्य इलाकों में भी हल्की बारिश हो सकती है। मानसून के समय से पहले आने से राहत मिली है, लेकिन इसके साथ आने वाली मौसमी गड़बड़ियों ने निवासियों और किसानों के बीच चिंता पैदा कर दी है, खासकर भूस्खलन वाले क्षेत्रों में। राज्य आपदा प्रबंधन अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने लोगों को स्थानीय सलाह का पालन करने और प्रतिकूल परिस्थितियों के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है।

